सीबीआई ने विशेष कोर्ट को बताया कि इशरत जहां के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की उसे गुजरात सरकार से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। विशेष सीबीआई जज जेके पांड्या की कोर्ट को शनिवार को एजेंसी ने बताया कि डीजी वंजारा और एनके अमीन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
कोर्ट ने इस देरी की वजह पूछी तो सीबीआई के वकील आरसी कोडेकर ने कहा कि सरकार द्वारा मामले में मंजूरी देने पर कुछ नहीं कहा गया है। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 जनवरी तक स्थगित कर दी। अगस्त 2018 में वंजारा और अमीन की इस मामले से छोड़ देने के आवेदन को खारिज करते हुए कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि क्या राज्य सरकार ने इनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।
पूर्व डीआईजी वंजारा ने कोर्ट से छोड़ देने की मांग करते हुए कहा था कि उनका मामला पूर्व डीजी पीपी पांडेय के जैसा ही है। पांडेय को पिछले साल फरवरी में इस मामले से छोड़ दिया गया था। एसपी के पद से सेवानिवृत्त अमीन ने इस आधार पर इस मामले से खुद को बरी करने की मांग की थी कि एनकाउंटर सही था और सीबीआई द्वारा पेश किए गए गवाह विश्वसनीय नहीं हैं।