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IS4OM: आईएस4ओएम का लॉन्च आज, भारत अपने उपग्रहों की रक्षा खुद कर सकेगा

Mon, 11 Jul 2022 05:22 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, बंगलूरू।

सार

केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह अंतरिक्ष विभाग के अध्यक्ष व इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ की मौजूदगी में ‘इसरो सिस्टम फॉर सेफ एंड सस्टेनेबल ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट’ सोमवार को लॉन्च करेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ISRO
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विस्तार
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अंतरिक्ष में करीब तीन हजार सक्रिय उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए मानव के लिए कई तरह के काम कर रहे हैं। इनमें से 53 उपग्रह भारतीय हैं। इनके अलावा औसतन 27 हजार किमी प्रति घंटे रफ्तार से हजारों निष्क्रिय उपग्रहों, रॉकेटों व अन्य उपकरणों का मलबा भी वहां टुकड़ों में तैर रहा है।

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यह गति इतनी तेज है कि मलबे से आया एक सेमी का छोटा टुकड़ा भी किसी सक्रिय उपग्रह से टकरा कर उसे तबाह कर सकता है। यह खतरा टालने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ‘इसरो सिस्टम फॉर सेफ एंड सस्टेनेबल ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट’ (आईएस4ओएम) प्रणाली तैयार की है। 

केंद्रीय अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह अंतरिक्ष विभाग के अध्यक्ष व इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ की मौजूदगी में इसे सोमवार को लॉन्च करेंगे। इसरो के सूत्रों ने बताया कि भारत में ही बना आईएस4ओएम देश के विकास के लिए अंतरिक्ष का उपयोग करने में भी मदद करेगा।
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इसरो के मुताबिक आईएस4ओएम एक ऐसी प्रणाली है जो अंतरिक्ष में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक समग्र रुख रखती है और साथ ही, बाहरी अंतरिक्ष के सतत उपयोग के फायदे उपलब्ध कराती है।

इसरो के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह अंतरिक्ष में मलबे का पता लगाने और उसकी निगरानी के लिए अंतरिक्ष पारिस्थितिजन्य जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है।’ अधिकारी ने कहा, ‘आईएस4ओएम हमारी अंतरिक्ष संपत्ति की सुरक्षा करने में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी और यह मलबा प्रबंधन पर संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों के अनुरूप है।’

60 स्टार्टअप ने इसरो के पास पंजीकरण कराया: मंत्री
अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पास करीब 60 स्टार्टअप ने पंजीकरण कराया है। केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को यह जानकारी दी। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस क्षेत्र को खोलने की घोषणा के बाद से कई स्टार्टअप ने पंजीकरण कराया है। इनमें से कुछ स्टार्टअप अंतरिक्ष के मलबे के प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं में काम कर रहे हैं। स्टार्टअप द्वारा दिए गए अन्य प्रस्तावों में नैनो-सैटेलाइट, प्रक्षेपण वाहन, जमीनी प्रणाली और शोध शामिल हैं।

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