कांग्रेस सांसद शशि थरूर अंग्रेजी के शब्दों के बेहतर प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। कठिन अंग्रेजी में किये गए उनके ट्वीट्स अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। हालांकि इस बार चर्चा का मुद्दा यह है कि क्या शशि थरूर के पास शब्दों की कमी हो गई है!
शशि थरूर सोशल मीडिया पर बार-बार पुराने शब्दों का प्रयोग करते देखे गए। उन्होंने
पीएम मोदी के 90 मिनट के भाषण पर उसी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका उन्होंने अपनी पत्नी की मौत पर उठे सवालों के जवाब देने में किया था। इन ट्वीट्स को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं।
पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत पर उठाये गए सवालों पर शशि थरूर ने यह ट्वीट किया था।
थरूर ने पीएम के भाषण पर 'फेरागो ऑफ मिसरिप्रिजेन्टेशन' शब्द का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि शशि थरूर ने मई में भी ब्रिटिश पत्रकार मेहदी हसन के मुहावरे 'अ फेरागो ऑफ डिसटॉरसन एण्ड मिसरिप्रिजेन्टेशन' का प्रयोग किया था। यह वह दौर था जब उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर मामले में उन पर कुछ आरोप लगे थे।
थरूर के इस ट्वीट ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं और इसका मतलब समझने के लिए लोगों को डिक्शनरी खोलनी पड़ी थी।