2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले क्या प्रियंका गांधी को सबसे बड़े नेता के तौर पर पेश किया जाएगा। कर्नाटक में हो रहे विधानसभा के चुनाव में प्रियंका गांधी की मंगलवार को हुई बड़ी रैली और रोड शो के दौरान उमड़ी भीड़ से कुछ इस तरीके के संकेत निकलने शुरू हुए हैं। मंगलवार को कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर हुए रोड शो रैली में प्रियंका गांधी को सुनने के लिए जिस तरीके से लोग खड़े रहे उससे सियासी गलियारों में चर्चाएं यही हो रही है कि अगर प्रियंका गांधी पर कांग्रेस मजबूती से दांव लगाकर उनको हिमाचल और कर्नाटक की तरह आगे करती है तो 2024 में कांग्रेस के लिए यह बड़ा फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है। वही प्रियंका गांधी ने भी अपनी पहली बड़ी रैली में कर्नाटक की जनता को उनकी अपनी संस्कृति और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई में कांग्रेस को वोट देने की अपील की।
मंगलवार को कर्नाटक के अलग-अलग शहरों और इलाकों में भी प्रियंका गांधी की रैली से कांग्रेस को न सिर्फ बड़ी उम्मीदें दिखीं बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव के अलावा लोकसभा चुनाव एक नई उम्मीद भी नजर आई। सियासी जानकारों का मानना है कि प्रियंका गांधी की रैली में उमड़ी भीड़ का अगर आकलन किया जाए तो यह पता चलता है कि वह कांग्रेस के बड़े चेहरों में से सबसे प्रभावशाली चेहरे के तौर पर पहचानी जा रही है। इसके अलावा वह कर्नाटक में कांग्रेस के अब तक पहुंचे सभी बड़े नेताओं में सबसे ज्यादा भीड़ खींचने वाले नेता के तौर पर पहुंची है।
राजनीतिक विश्लेषक आरएस तवर कहते हैं कि प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से मंगलवार को कर्नाटक में रैली की और लोगों का हुजूम जुटा वह कांग्रेस के लिए बहुत पॉजिटिव है। उनका कहना है प्रियंका गांधी की रैली में शामिल होने सुनने के लिए जिस तरीके से भीड़ जुटी वह सिर्फ कर्नाटक ही नहीं बल्कि इस साल होने वाले दूसरे अन्य राज्यों और लोकसभा चुनावों के नजरिए से पार्टी को एक बड़ा संदेश ही दे रही है। यह संदेश कांग्रेस के एक बड़े नेता के चेहरे के तौर पर है। माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी की इसी भीड़ खींचने और भरोसे वाली इमेज को आने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में भी प्रमुखता से उनको आगे रखकर माहौल बनाया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी ने कर्नाटक में अपनी पहली जनसभा, और रोड शो में एक बार से फिर से साबित कर दिया कि वह कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता की तुलना में ज्यादा लोगों की भीड़ खींचने में आगे हैं। राजनैतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार सुदर्शन मानते हैं कि प्रियंका गांधी की इस इमेज को कांग्रेस पार्टी को आने वाले विधानसभा के चुनावों से लेकर लोकसभा के चुनावों में आगे रखना चाहिए। सुदर्शन का मानना है कि कर्नाटक में जिस तरीके से अपने पहले रोड शो में इतनी भीड़ इकट्ठा की है वह निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में कांग्रेस के नेताओं के लिए बूस्टर डोज के तौर पर होगी।
कर्नाटक में कांग्रेस के नेता एसएन सेरेन कहते हैं प्रियंका गांधी उनकी बड़ी नेता है और कहीं भी रैली करती है तो इतना जनसमूह तो उमड़ता ही है। उनका कहना है कि आने वाले विधानसभा के चुनावों में और लोकसभा के चुनावों में प्रियंका गांधी को निश्चित तौर पर पार्टी को इसी जोश के साथ आगे रखना चाहिए। हालांकि वह यह भी कहते हैं कि पार्टी अपनी व्यवस्था के लिहाज से ही अपने नेताओं को आगे करती है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रियंका गांधी से लेकर राहुल गांधी जैसे तमाम वरिष्ठ नेता न सिर्फ रैलियां, जनसभाएं और रोड शो करते हैं बल्कि जनता से मुखातिब होकर पार्टी की विचारधारा को लोगों के बीच लेकर जाते हैं।
कर्नाटक में प्रियंका गांधी के पहले रोड शो में उमड़ी भीड़ के बाद ही पार्टी के भीतर ही चर्चा इस बात की हो रही है कि आने वाले चुनावों में प्रियंका गांधी को बड़े चेहरे के तौर पर सामने रखा जाए। कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता कहते हैं कि प्रियंका गांधी ने हिमाचल प्रदेश के चुनावों में जिस तरीके से प्रचार किया उसके बाद वहां पर सत्ता में वापसी हुई। कर्नाटक में भी प्रियंका गांधी का जो क्रेज है वह हिमाचल की तरह ही बना हुआ है।
उनका कहना है कि वह कर्नाटक में 2018 की तरह ही सरकार बनाने जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का तर्क है कि प्रियंका गांधी की इसी छवि के साथ अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में उतरते हैं तो पार्टी को बहुत लाभ हो सकता है। हालांकि उनका कहना है कि यह बहुत हद तक पार्टी और आलाकमान को ही तय करना है कि प्रियंका गांधी के आने वाले चुनावों में किस तरह की भूमिका होने वाली है। लेकिन पार्टी के अंदर खाने में यह बात लगातार उठती रही है कि प्रियंका गांधी को बड़ा चेहरा बनाकर कांग्रेस के फ्रंट पर लाना चाहिए।
वहीं, प्रियंका गांधी ने मंगलवार को अपनी अलग अलग जनसभा और रोड शो में कर्नाटक की जनता से उनकी संस्कृति और उनके स्वाभिमान को जोड़कर आने वाले विधानसभा के चुनावों में वोट डालने की अपील की। प्रियंका गांधी ने इस दौरान बेरोजगारी के मुद्दे से लेकर राज्य के विकास और किसानों के मुद्दे से स्थानीय महिलाओं की समस्याओं पर जोर दिया।
इस दौरान प्रियंका गांधी ने बेरोजगारों को बता दिए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी 2000 रुपए प्रतिमाह दिए जाने की बात कही। हाल में कर्नाटक में अमूल की एंट्री पर जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार आने पर वह राज्य की कोऑपरेटिव डेयरी को ही न सिर्फ आगे बढ़ाएंगे बल्कि पुरानी उत्पादन क्षमता के अनुसार ही उसको आगे बढ़ाया जाएगा।