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क्या पाकिस्तान की आतंकी पॉलिसी का मददगार बन रहा है 'गुपकार' मोर्चा?

Sun, 22 Nov 2020 10:56 PM IST
योगेश साहू जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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Gupkar meeting - फोटो : ANI
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पाकिस्तान, जिस आतंकी पॉलिसी को लेकर चल रहा है, वैसा ही कुछ 'गुपकार' रोड पर भी देखने को मिल रहा है। पड़ोसी राष्ट्र चाहता है कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे जिला विकास परिषद के चुनाव में बाधा पहुंचे। गुपकार गैंग भी इस मौके का फायदा उठाना चाहता है। ये कहना है सुरक्षा विश्लेषक ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) का।

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सुरक्षा विश्लेषक, ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पाकिस्तान और गुपकार रोड वाले लोगों की मंशा है कि अनुच्छेद 370 का भरसक विरोध किया जाए। दोनों का मकसद है कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब उछाला जाए। ये लोग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे। 

उन्होंने कहा कि आतंकियों को मदद पहुंचाने में केवल पाकिस्तान का हाथ ही नहीं है, बल्कि गुपकार गैंग के कुछ लोग भी कथित तौर पर उनकी मदद करते रहे हैं। वही खानदानी लोग जो जम्मू-कश्मीर की सत्ता को अपने हाथ में रखना चाहते हैं, आज गुपकार रोड पर बैठक कर रहे हैं। इनका मकसद है कि उनके बंगलों में कैद सत्ता की चाबी गांव तक न पहुंचे। नगरोटा एनकाउंटर पर गुपकार गैंग ने कुछ नहीं बोला। पावर आम आदमी के हाथ में आए, इससे वे क्यों डरते हैं। 
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जम्मू कश्मीर, विकास का एक नया मापदंड तय कर रहा है। वहां एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इन सबके बीच पाकिस्तान, जिसकी स्टेट पॉलिसी का हिस्सा आतंकवाद भी है, वह इस राज्य में बाधा पहुंचाने का काम कर रहा है। उसका मकसद है कि आतंकियों को भेजकर बड़ा हमला करा दिया जाए। नगरोटा एनकाउंटर इसी का एक उदाहरण है।

इससे पहले भी दर्जनों आतंकी हमलों के सबूत पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं। जांच एजेंसियों की चार्जशीट में दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास तक का नाम आतंकियों की मदद करने वालों में कथित तौर पर शामिल किया गया है। ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड), यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान बेनकाब हो चुका है। सारी दुनिया जानती है कि वह आतंकवाद का पालन पोषण कर रहा है।

पिछले दिनों पाकिस्तान स्थित मदरसे के मौलवी ने एक सूची जारी की थी। उसमें कहा गया है कि इस मदरसे से ग्रेजुएट करने वाले युवक टॉप आतंकी बन रहे हैं। उसका नाम भी यूनिवर्सिटी ऑफ टेरर रखा गया है। पाकिस्तान सरकार, उसे करोड़ों रुपये का फंड देती है। ये तो हमारी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट रहती हैं, इसलिए वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाता।

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कश्मीर के नाम पर दिल्ली को ब्लैकमेल करता रहा है गुपकार गैंग...

अनिल गुप्ता के मुताबिक, अनुच्छेद 370 एक राष्ट्रीय मुद्दा था। इस राज्य का अलग झंडा और अलग कानून था। यहां की सत्ता पर कब्जा जमाए बैठे कुछ खानदानी लोग कश्मीर के नाम पर दिल्ली को ब्लैकमेल करते थे। केंद्र से पैसा लेकर उन्होंने अपने घरों में भर लिया। नतीजा, वे अमीर होते गए और आम आदमी गरीब होता चला गया।

डल लेक के लिए केंद्र ने जी खोलकर पैसा दिया, लेकिन कहीं नहीं लगा। सारा पैसा खा गए। वे कश्मीर को लूट रहे थे। दूसरे राज्य का आदमी यहां बस नहीं सकता। अगर महिला कहीं बाहर शादी कर लेती है तो उसके सारे अधिकार खत्म कर दिए जाते थे। पाकिस्तान से आए लोगों को 1947 से लेकर अभी तक नागरिकता नहीं मिली। 

70 प्रतिशत राजस्व केंद्र सरकार देती है। केवल इन लोगों को तीस प्रतिशत राजस्व एकत्रित करना पड़ता है। जब गुपकार गैंग के लोगों का शासन था तो उन्होंने इंडस्ट्री को जमीन तो दे दी, लेकिन पानी व बिजली नहीं दी। इससे जमीन बेचकर पैसा कमाने का धंधा चल निकला।

केंद्र सरकार ने अब उस पर रोक लगा दी है। अब वही लोग गुपकार गैंग बनाकर केंद्र का विरोध कर रहे हैं। विदेशी ताकतों और फंड के बलबूते वे गैंग के कार्यक्रम को आगे बढ़ाना चाह रहे हैं। ये वही लोग हैं जो पहले कुर्सी के लिए अलग हुए थे, आज कुर्सी के लिए दोबारा से एक हो गए हैं।
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