कांग्रेस पार्टी को नया अध्यक्ष क्यों नहीं मिल पा रहा है, इस पर पार्टी के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने कहा, इसके लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हो। इसी में पार्टी के नए अध्यक्ष के नाम पर फैसला किया जाए।
भाजपा खेमे की ओर से भी हर दो-तीन दिन में कोई न कोई बयान आ जाता है। इसमें कहा जाता है कि कांग्रेस अपना घर संभाले। दो दिन पहले जनार्दन द्विवेदी भी बड़ी सहजता के साथ इस मामले में कूद गए। उन्होंने कहा, तकनीकी रूप से राहुल गांधी अभी भी कांग्रेस अध्यक्ष हैं। उन्हें इस्तीफा देने से पहले अपने उत्तराधिकारी का नाम सुझाने के लिए एक समिति का गठन करना चाहिए था।
हालांकि उन्होंने राहुल गांधी के इस्तीफे को अन्य कांग्रेसी नेताओं के लिए एक आदर्श बताया। जनार्दन द्विवेदी ने भी जल्द से जल्द सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की बात कही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी की हार का कारण भीतर है, बाहर नहीं। द्विवेदी की यही बात भले ही कुछ वरिष्ठ नेताओं को चुभन का अहसास दे गई हो, मगर उनके पत्र में लिखी छल और निष्ठा में भेद की बात को एक फिर से दोहरा गई। कांग्रेस पार्टी के अधिकांश नेता राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं तो वहीं कई नेता गैर गांधी को पार्टी की कमान सौंपने के पक्ष में हैं।