राहुल गांधी ने अपने करीबियों को बताया कि वह संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान यह साबित करना चाहते थे कि पप्पू कौन है? वह सफल रहे। पूरा देश उस दिन सदन की कार्रवाई देख रहा था। उसे पता चल गया है कि पप्पू कौन है?
राहुल गांधी इसे अपने लहजे में समझाते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने मोदी सरकार से जितने भी सवाल पूछे, प्रधानमंत्री ने एक का भी जवाब नहीं दिया। वह जवाब नहीं दे पाए।
राहुल गांधी को भरोसा है कि प्रधानमंत्री उनके सवालों का जवाब नहीं दे सकते। प्रधानमंत्री नहीं बता सकते 45 हजार करोड़ के घाटे में चल रहे अपने उद्योगपति मित्र को उन्होंने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में साझीदार क्यों बनाया। जबकि उनके उद्योगपति मित्र की कंपनी को लड़ाकू विमान या रक्षा क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं है।
राहुल गांधी का मानना है कि प्रधानमंत्री भाषण देने की अच्छी कला जानते हैं। वह अच्छा भाषण दे सकते हैं, लेकिन देश की नीतियों पर चर्चा में उनके सामने नहीं टिक सकते।