पाकिस्तान की तरफ से पंजाब में हथियार व ड्रग्स के पैकेट लेकर आने वाले 'ड्रोन' की संख्या में तेजी आ गई है। पहले एक-दो सप्ताह में दो तीन ड्रोन आते थे, मगर अब एक ही दिन में कई ड्रोन आने लगे हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान से लगते बॉर्डर के विभिन्न हिस्सों पर इस साल अभी तक सौ से अधिक ड्रोन देखने को मिले हैं। एक साथ '3600' ड्रोन को कंट्रोल करने का फार्मूला चीन के पास था, क्या अब वह राज पाकिस्तान के हाथ लग गया है, ये अहम सवाल खड़ा हो गया है। संभव है कि आने वाले दिनों में दस-पंद्रह किलोमीटर के क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से दर्जनों ड्रोन एक साथ भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास करें। पाकिस्तान ने चीन और तुर्की की मदद से मीरपुर जिले में झेलम नदी के निकट 'मंगला' डैम की घाटी को ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बना दिया है। पाकिस्तानी आयुद्ध कारखाने में तैयार 'अबाबील' ड्रोन को तैयार करने वाले इंजीनियरों की एक टीम को 'मंगला' डैम पर भेजा है। वहां पंजाब में भेजे जाने वाले ड्रोन का सर्विलांस सिस्टम तैयार किया गया है।
चीन व तुर्की से सस्ते ड्रोन लेकर किया बदलाव ...
केंद्रीय सुरक्षा बलों में ड्रोन इकाई पर काम कर रहे एक विशेषज्ञ के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आएगा। अब तो उसे चीन और तुर्की से ड्रोन तकनीक मिल रही है। चीन व तुर्की से सस्ते ड्रोन लेकर पाकिस्तानी इंजीनियर उनकी तकनीक में छोटा-मोटा फेरबदल कर रहे हैं। यह बात साबित हो चुकी है। बीएसएफ ने गत दिसंबर में अमृतसर सेक्टर के अंतर्गत राजाताल सीमा चौकी के निकट पाकिस्तान से आए एक ड्रोन को मार गिराया था। उसकी फोरेंसिक जांच में पता चला कि वह ड्रोन चीन के एक प्रांत से उड़ा था और 28 दिन पाकिस्तान में रहने के बाद पंजाब की सीमा में पहुंचा है। ड्रोन के ब्लिंकर सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। दरअसल, वे यह देखते हैं कि ड्रोन किसी भी तरह से बीएसएफ की नजरों में न आए। शुक्रवार को अमृतसर में ही दो ड्रोन मार गिराए गए हैं। एक ड्रोन में साउंड सिस्टम मध्यम कर उस पर चमकने वाली स्ट्रिप लगा दी गई थी। यह इसलिए किया गया, ताकि डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति को ड्रोन की लोकेशन आसानी से मालूम हो जाए। पाकिस्तान से लगती सभी राज्यों की सीमा को देखें तो गत वर्ष 300 से ज्यादा ड्रोन देखे गए। इनमें से करीब 70 फीसदी ड्रोन पंजाब में आए थे। 2021 में सौ से अधिक व 2020 में 77 ड्रोन देखे गए। इस वर्ष भी पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन का आंकड़ा सौ के पार जा चुका है। रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर (रिटायर्ड) का कहना है, पाकिस्तान के ड्रोन हमले से सचेत रहना होगा। मंगला डैम के निकट आईएसआई ने बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। अभी पंजाब, जम्मू कश्मीर और राजस्थान में ही ड्रोन आ रहे हैं। पाकिस्तान ने जिस तरह के ड्रोन विकसित किए हैं, उनके जरिए सेना के वाहन और कैंपों को भी निशाना बनाया जा सकता है।