राज्य में लगभग 10,000 सेना, अर्धसैनिक और केंद्रीय पुलिस बलों को तैनात किया जा चुका है। इरोम शर्मिला ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उन्हें शेष भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के बीच के अंतर को भरने के लिए पुल बनने की कोशिश करना चाहिए।
नागरिक अधिकारी कार्यकर्ता इरोम शर्मिला चानू ने शनिवार को मणिपुर की महिलाओं से राज्य में शांति लाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि उनकी जातीय पहचान चाहे कुछ भी हो लेकिन मणिपुर में शांति लाने के लिए वे मिलकर काम करें।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मणिपुर जाकर वहां की समस्या को जानने और इसका उपाय निकलाने की भी विनती की है।
इरोम शर्मिला चानू को आयरल लेडी के तौर पर जाना जाता है। चानू रिकॉर्ड 16 वर्षों से भूख हड़ताल पर थी, जिसके दौरान उसकी भोजन नली से जबरदस्ती खिलाया गया था। वह राज्य में शांति के लिए काम कर रही महिला आंदोलन का मुख्य चेहरा थी।
एक टेलिफोनिक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा- "मेरा मणिपुर जल रहा है और मैं अपने लोगों को की हालत देखकर दुखी हूं। मैं मैतेई और आदिवासियों से अपील करती हूं कि वे इस संघर्ष को छोड़कर एक हो जाए। इस संघर्ष में महिलाओं को एकजूट होकर प्रकृति माता बनकर काम करना चाहिए और राज्य में शांति वापस लाने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करना चाहिए।"
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सूत्रों के अनुसार कुकी समुदाय की महिलाएं मैतेई समुदाय के लोगों के दंगाई भीड़ से बचाने और उन्हें सुरक्षित संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकालने में मदद कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में और अधिक सैनिकों को भेजने से स्थिति में सुधार नहीं होगा।
राज्य में लगभग 10,000 सेना, अर्धसैनिक और केंद्रीय पुलिस बलों को तैनात किया जा चुका है। इरोम शर्मिला ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उन्हें शेष भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के बीच के अंतर को भरने के लिए पुल बनने की कोशिश करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के लोगों के साथ अभी भी भेदभाव किया जाता है और उन्हें निम्न दृष्टि से देखते हैं।