वाहन मालिकों के पास अगर वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नहीं हैं, तब भी बीमा कंपनियों को क्लेम देना होगा। कोविड-19 महामारी को देखते हुए बीमा नियामक इरडा वाहन मालिकों को राहत दी है। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने स्पष्ट कहा है कि वाहन बीमा कंपनियां इस आधार पर क्लेम खारिज नहीं कर सकती हैं कि वाहन का वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है।
इरडा ने बयान में कहा कि इस संबंध में कुछ भ्रामक खबरें आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि वाहन दुर्घटना के समय अगर वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है तो वाहन बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम नहीं मिलेगा। इन खबरों को खारिज करते हुए बीमा नियामक ने कहा कि वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर भी बीमा कंपनियां क्लेम देने को बाध्य हैं।
दरअसल, बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई, 2018 में वाहन बीमा कंपनियों को निर्देश दिया था कि वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र होने पर ही वे वाहन बीमा पॉलिसी को रिन्यू करें। इसके बाद जुलाई, 2018 में ही इरडा ने इन कंपनियों को शीर्ष कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।