सोशल मीडिया पर लोग आईआरसीटीसी को टैग कर ट्वीट कर रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि कितने दिनों में उनका पैसा वापस आएगा। अफरातफरी का आलम यह है कि कुछ लोगों को फेल ट्रांजेक्शन की लिस्ट के लॉग में भी नई एंट्री दिखाई नहीं दे रही है, जिससे वे यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि उनके पैसों का क्या हुआ। ऐसे लोग यह भी समझ नहीं पा रहे हैं कि उनका टिकट बुक हुआ है या फिर ट्रांजैक्शन कहां फंस गया है। आईआरसीटीसी एप की दुर्दशा कुछ इस प्रकार है कि कुछ लोग बता रहे हैं कि एप लॉगिन करने के दौरान ही दिक्कत आ रही है और वैलिडेट में समस्या है। एक ग्राहक ने बताया है कि Ask disha विकल्प में 3E की बुकिंग का प्रावधान ही उपलब्ध नहीं है। कुछ लोगों ने तीन, तो कुछ 4, 5 बार तक बुकिंग के प्रयास किए हैं और पैसे कट गए हैं, लेकिन टिकट की बुकिंग नहीं हुई है, रेलवे का इतना बड़ा इंतजाम फेल दिखाई दे रहा है।
वहीं, इन सारी दिक्कतों के जवाब में आईआरसीटीसी का कहना है कि किसी तकनीकी दिक्कत की वजह से वेब और एप में पेमेंट की समस्या आ रही है। लोग Ask disha विकल्प का सहारा लेते हुए टिकट बुक करें। साथ ही रेलवे कह रहा है ई-वॉलेट के जरिए टिकट बुक की जा सकती है। तीसरी सलाह यह दे रही है कि कृपया ग्राहक यूजर आई और पासवर्ड के रास्ते टिकट की बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक रेल मंत्रालय और रेल मंत्री की ओर से कोई ट्वीट नहीं किया गया है। इस पूरे मामले पर रेलवे सेवा ट्विटर हैंडल से जवाब दिया गया है, आपके बुक टिकट का पैसा ही लिया जाएगा। बाकी सारे टिकटों का पैसा 5-6 दिनों में वापस खाते में चला जाएगा। कृपया बुक टिकट हिस्ट्री और फेल्ड ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को चेक कर लें।
एक दिन में 10 लाख टिकट होते हैं बुक
भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यहां हर दिन 2 करोड़ से अधिक लोग ट्रेन में सफर करते हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर हर दिन 8 से 10 लाख लोग टिकट बुक करते हैं। यही कारण है कि इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए हर दिन इसके सर्वर का मेंटेनेंस किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि जो भी टिकटें बुक होती हैं, मेंटेनेंस के दौरान उसकी एक सेकंड कॉपी भी तैयार की जाती है। इससे डाटा के उड़ने की सूरत में भी बैकअप तैयार रहता है ताकि यात्रियों को परेशानी ना हो।
रेलवे ने खोले अतिरिक्त काउंटर
रेलवे की ओर से एक अपडेट में बताया गया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे के अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं। नई दिल्ली में सामान्य पीआरएस काउंटरों के अलावा भी कई जगहों पर अतिरिक्त काउंटर की लिस्ट आई है। नई दिल्ली पीआरएस ऑफिस- 2, शाहदरा- 1, ओखला-1, निज़ामुद्दीन स्टेशन- 1, सरोजिनी नगर- 1, सब्जी मंडी- 1, दिल्ली जंक्शन- 2, कीर्ति नगर- 1 और आजादपुर- 1 काउंटर खोले गए हैं।