बुकिंग एजेंट अब रेल टिकट बुक कराने वालों को गुमराह नहीं कर सकेंगे। ऑनलाइन टिकट निरस्त होने की स्थिति में ग्राहक के मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) नंबर भेजा जाएगा। ओटीपी नंबर देने के बाद ही एजेंट टिकट को निरस्त कर सकेंगे। इससे ग्राहकों को पता चल जाएगा कि टिकट निरस्त होने पर कितने रुपये वापस हुए हैं।
आईआरसीटीसी ने पारदर्शिता को ध्यान में रख टिकट एजेंटों की मनमानी पर रोक लगाने का काम किया है। निरस्त टिकट के रिफंड सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए ग्राहकों को सभी तरह की जानकारी दी जाएगी। आमतौर पर एजेंट वेटिंग टिकट निरस्त होने या टिकटों के निरस्त कराने पर आईआरसीटीसी की तरफ से पैसा रिफंड नहीं होने की दलील देते थे।
अब आईआरसीटीसी ग्राहकों के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर जानकारी उपलब्ध कराएगा। आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि इस नियम से पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकट बुक कराने के दौरान जो मोबाइल नंबर दिया जाएगा, उस पर मैसेज भेजकर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि ग्राहक एजेंट से पैसा वापस ले सकें।