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RTI: आईआरसीटीसी ने निजी ट्रेनों की देरी पर हर्जाना देना किया बंद, आरटीआई में बड़ा खुलासा

Tue, 24 Dec 2024 06:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ द्वारा आरटीआई अधिनियम के तहत दाखिल आवेदन के जवाब में यह जानकारी सामने आई। बता दें, आईआरसीटीसी की स्थापना रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे की संपूर्ण खानपान एवं पर्यटन गतिविधियों के संचालन के मूल उद्देश्य से की गई थी। 
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सूचना का अधिकार (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआरसीटीसी ने निजी ट्रेनों के देर होने पर यात्रियों को हर्जाना देने की योजना बंद कर दी है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए इसका खुलासा हुआ है। आईआरसीटीसी ने गोपनीयता का हवाला देकर इस फैसले की वजह नहीं बताई। 

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क्या है आईआरसीटीसी?
समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दाखिल आवेदन के जवाब में यह जानकारी सामने आई। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की स्थापना रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे की संपूर्ण खानपान एवं पर्यटन गतिविधियों के संचालन के मूल उद्देश्य से की गई थी और वर्तमान में यह टिकट बुकिंग व निजी ट्रेनों का संचालन भी करता है।

इतना दे चुका है हर्जाना
आईआरसीटीसी के मुताबिक, इस योजना के तहत चार अक्तूबर 2019 से इस वर्ष 16 फरवरी तक यात्रियों को 26 लाख रुपये हर्जाने के तौर पर दिए गए। अकेले 2023-24 में 15.65 लाख रुपये का हर्जाना यात्रियों को दिया गया। 
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इस साल की गई योजना बंद
आईआरसीटीसी ने आरटीआई के जवाब में बताया कि निजी ट्रेनों के विलंब या देरी से चलने की स्थिति में हर्जाना देने वाली योजना 15 फरवरी 2024 को बंद कर दी गई। आईआरसीटीसी ने गोपनीयता नीति का हवाला देते हुए इस योजना को बंद करने का कारण बताने से इनकार किया है।

आईआरसीटीसी दो तेजस ट्रेनों का संचालन करता है, जिसमें से एक नई दिल्ली से लखनऊ (चार अक्तूबर 2019 से) और दूसरी अहमदाबाद से मुंबई (17 जनवरी 2020 से) के लिए शुरू की गई थी।  

इसलिए लागू की गई थी योजना
जानकारी के मुताबिक, यात्रियों को हर्जाना देने के पीछे का कारण यात्रियों को इन ट्रेनों के प्रति आकर्षित करना था, जो मार्केटिंग गतिविधियों का हिस्सा था।

पिछले पांच साल में इतना दिया हर्जाना
आरटीआई के तहत मिली सूचना के अनुसार, पिछले पांच सालों में आईआरसीटीसी द्वारा दिए गए हर्जाने की बात करें, तो 2019-20 में 1.78 लाख रुपये, 2020-21 में शून्य, 2021-22 में 96 हजार रुपये, 2022-23 में 7.74 लाख रुपये और 2023-24 में 15.65 लाख रुपये का हर्जाना यात्रियों को दिया गया है।

ट्रेन में देरी पर यात्री को दी जाने वाली हर्जाना राशि संबंधी सवाल पर आईआरसीटीसी ने बताया कि 60 से 120 मिनट की देरी पर 100 रुपया और 120 से 240 मिनट के विलंब के लिए 250 रुपया यात्री को हर्जाने के तौर पर दिया जाता था। आईआरसीटीसी के मुताबिक, ट्रेन के रद्द होने पर यात्रियों को पूरा किराया वापस किया जाता था और विलंब की स्थिति में यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा भी मुहैया कराई जाती थी।

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