इराक के मोसुल शहर से आईएस द्वारा तीन साल पहले अपहृत 39 भारतीयों के मुद्दे पर इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल जाफरी ने कहा कि उन्हें ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 'मुझे 100% नहीं पता कि लापता हुए 39 लोग जिंदा हैं या नहीं लेकिन उन्हें ढूंढने की पूरी कोशिश की जा रही है। हमारे पास पर्याप्त सबूत नहीं है कि वह जिंद है या मारे गए हैं।'
We're not sure 100% they're alive or not, we don't know, going to do our best: Ibrahim al-Jaafari, Foreign Min of Iraq on 39 missing Indians pic.twitter.com/hUmOs1oiyH
— ANI (@ANI_news) July 24, 2017
अल-जाफरी 24-28 जुलाई तक भारत की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सोमवार को इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल-जाफरी से मुलाकात करेंगी।
बता दें कि दो हफ्ते पहले इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल की आईएस से आजादी की घोषणा की थी। यह इराकी सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
इस मुलाकात में दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करने के अलावा ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के रास्ते निकालेंगे। स्वराज का कहना है कि जाफरी अपने साथ अगवा भारतीयों के संबंध में कुछ नई जानकारियां ला सकते हैं।
गौरलतब है कि साल 2014 में इराक में 39 भारतीयों के चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के द्वारा अगवा किए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं। वहीं सुषमा स्वराज ने लापता भारतीयों को बदुश जेल में होने की संभावना जताई है, यह मोसुल के उत्तरपश्चिमी हिस्से में स्थित एक गांव है।