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Iran: युद्धपोत पर हमले से पहले ईरान के एक और जहाज को मिली थी भारत में डॉकिंग की इजाजत, बड़ा दावा

Sat, 07 Mar 2026 12:35 AM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरानी नौसेना के एक जहाज पर श्रीलंका के नजदीक हुए हमले के समय एक अन्य ईरानी युद्धपोत ने भारत में डॉकिंग की अनुमति मांगी थी। जिसे भारत सरकार ने अनुमति दे दी थी। फिलहाल वह जहाज कोच्चि में डॉक है। 
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ईरानी नौसेना का जहाज - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ईरान के युद्धपोत 'आईरिस देना' पर हुए अमेरिकी हमले से कुछ दिन पहले ही ईरान ने भारत से अपने एक अन्य युद्धपोत 'आईरिस लावन' के लिए मदद मांगी थी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को भारत से एक आपात अनुरोध किया और उसके जहाज आईरिस लावन को कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति देने की मांग की थी। सरकारी सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि भारत सरकार ने ईरान की सरकार की अनुमति मान ली थी और ईरानी जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दे दी थी। 
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ईरान ने जहाज को तुरंत डॉक करने की भारत से मांगी थी अनुमति
ईरान का युद्धपोत आईरिस लावन 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू और युद्धाभ्यास मिलन 2026 में शामिल होने के लिए आया था। 28 फरवरी को ईरान की सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि गंभीर तकनीकी समस्याओं के कारण पोत को तुरंत कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति दी जाए। गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले भी 28 फरवरी को ही शुरु हुए थे। भारत ने 1 मार्च को ईरान के जहाज को कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति दे दी। जिसके बाद आईरिस लावन 4 मार्च को कोच्चि पहुंच गया और फिलहाल कोच्चि में ही डॉक है। आईरिस लावन के चालक दल के 183 सदस्य फिलहाल कोच्चि में स्थित नौसैन्य सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। 

अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को बनाया था निशाना
सरकारी सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में अन्य जहाजों की मौजूदगी के कारण जानकारी साझा करने में देरी हुई। इससे पहले 4 मार्च को ईरानी नौसेना के युद्धपोत आईरिस डेना को श्रीलंका के दक्षिण में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा निशाना बनाया गया। इस हमले में चालक दल के 180 सदस्यों में से 87 के मारे जाने की खबर है। हमले के बाद श्रीलंकाई नौसेना द्वारा 32 लोगों को बचाया गया, जिनका श्रीलंका के अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारत ने भी आईरिस डेना की मदद के लिए अभियान चलाया गया और भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोत आईएनएस तरंगिनी और आईएनएस इक्षक के साथ-साथ अपने पी8आई गश्ती विमानों को भी तैनात किया।   
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ईरानी विदेश मंत्री ने एस.जयशंकर से की बात
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से फोन पर बात की। जयशंकर के अलावा अराघची ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ से भी बात की। इस बातचीत में ईरान ने अमेरिका के आक्रामक रवैये और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले की भी कड़ी निंदा की और इसे अपराध बताया। ईरानी विदेश मंत्री ने इस मुद्दे को सक्षम कानूनी माध्यमों पर उठाने की बात भी कही। 


 
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