भाजपा की नेता नुपुर शर्मा के टीवी डिबेट में वक्तव्य से उठे बवंडर को देखकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चुनौतियों से निबटने का प्रयास शुरू कर दिया है। विदेश सेवा के अधिकारी जेपी सिंह और अन्य राजनयिक भी लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरान के समकक्ष हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन से मुलाकात और चर्चा की। ईरान भी उन 13 देशों में शामिल है, जिसने नुपुर शर्मा के बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देकर भारत से ठोस कार्रवाई की मांग की थी।
विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं। पैगंबर मोहम्मद को लेकर बयान से उठे तूफान के बाद वह 13 देशों में भारत आने वाले पहले विदेश मंत्री हैं। हालांकि भारत और ईरान के बीच चर्चा के तमाम मुद्दे हैं। इसमें चाबहार बंदरगाह का भी मामला है। द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होनी है। भारत और ईरान एक दूसरे के पुराने, पारंपरिक और सहयोगी देश हैं, लेकिन सांप्रदायिक सहिष्णुता से जुड़ा मुद्दा इसमें काफी अहम है। भारत इस पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर किसी तरह का गलत संदेश जाने देने के पक्ष में नहीं हैं।
हैदराबाद और मुंबई भी जाएंगे ईरान के विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा पहले से तय थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार वह दोपहर 1 बजे के करीब विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिल चुके हैं। तीन की इस अधिकारिक यात्रा में उनका हैदराबाद और मुंबई जाने का भी कार्यक्रम है। इस तरह से शुक्रवार की शाम को वह यात्रा पूरी करके तेहरान लौट जाएंगे। माना जा रहा है कि दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात में रिश्ते की काफी गर्मजोशी रही। इससे सकारात्मक दिशा में वातावरण बनने में काफी सहायता मिलेगी।