ईरान की आईआरजीसी ने एमटी वैलियंट रोअर जहाज के 16 भारतीय क्रू को ईंधन तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया है। थर्ड इंजीनियर केतन मेहता से परिवार की आखिरी बात 31 दिसंबर को हुई थी। अब 10 क्रू की गिरफ्तारी की पुष्टि से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
ईरान में जारी सरकार विरोध प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जहाज एमटी वैलियंट रोअर के 16 भारतीय क्रू मेंबर्स को हिरासत में ले लिया है। इस जहाज को 8 दिसंबर 2025 को यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाके में रोका गया था। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि जहाज पर 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की तस्करी की जा रही थी।इस जहाज पर काम कर रहे थर्ड इंजीनियर केतन मेहता के परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिवार ने विदेश मंत्रालय से किया संपर्क
परिवार ने इस मामले में विदेश मंत्रालय (एमईए) और भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। मुकेश मेहता ने बताया एमईए ने हमसे केतन के पासपोर्ट की जानकारी मांगी थी, जो हमने तुरंत दे दी। लेकिन इसके बाद से हमें कोई जानकारी नहीं मिली है। न कोई साफ जवाब है, न ही कोई भरोसा।
रो-रोकर केतन की मां का बुरा हाल
इस बीच केतन की मां राजनी मेहता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पिछले दो हफ्तों से अपने बेटे से बात नहीं कर पाई हैं और उन्हें डर है कि ईरान की हिरासत में उनके बेटे की हालत कैसी होगी और उसे बुनियादी सुविधाएं मिल भी रही हैं या नहीं। परिवार ने अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील की है।
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