डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वधावन और आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के प्रमोटर्स धीरज वधावन को लॉकडाउन के दौरान यात्रा की अनुमति देने वाले आईपीएस अधिकारी ने फिर से ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। यात्रा की अनुमति देने के लिए आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया था। इसके बाद इस मामले की जांच कर रहे पैनल ने अधिकारी को दोषमुक्त करार दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है।
सरकार ने पिछले महीने डीएचएफएल के प्रमोटरों कपिल और धीरज वधावन को पुणे के पास खंडाला से सतारा में महाबलेश्वर की यात्रा के लिए लॉकडाउन के बावजूद यात्रा की अनुमति देने के लिए गृह विभाग के प्रमुख सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेजा था।
उन्होंने एक पत्र जारी किया था जिसमें वधावन और कुछ अन्य लोगों को परिवार के आपातकाल का हवाला देते हुए लॉकडाउन के मानदंडों से छूट दी गई थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त, मनोज सौनिक इस मामले की जांच कर रहे थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि गुप्ता ने फिर से कार्यालय में अपनी ड्यूटी शुरू कर दी है। उनकी भूमिका की जांच करने वाले पैनल द्वारा उन्हें दोषमुक्त करार दिया गया और उसके अनुसार निर्णय लिया गया है।
आठ अप्रैल को लॉकडाउन में कार से यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। इसमें कहा गया था कि वधावन परिवार गुप्ता को जानता है और यह परिवार के आपातकाल कार्यों की वजह से यात्रा कर रहे हैं।
बता दें कि, कपिल और धीरज वधावन यस बैंक और पंजाब और महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटालों की जांच के दायरे में हैं।