फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

IPS: फेरबदल की लॉबिंग में जुटे आईपीएस, CISF-NSG-BSF में नहीं है स्थायी डीजी, 180 दिन में एनएसजी के चार डीजी

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 21 Aug 2024 08:17 PM IST

सार

देश में फिलहाल तीन अहम सुरक्षा एजेंसियों के पास स्थायी डीजी नहीं हैं। इसमें एसएसबी के डीजी दलजीत चौधरी को बीएसएफ डीजी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सीआरपीएफ डीजी अनीश दयाल सिंह को एनएसजी महानिदेशक के साथ-साथ सीआईएसएफ के महानिदेशक पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
CISF-NSG-BSF में नहीं है स्थायी डीजी - फोटो : अमर उजाला


BSF, NSG और CISF के पास स्थायी डीजी नहीं

बता दें कि मौजूदा समय में बीएसएफ के पास स्थायी डीजी नहीं है। एसएसबी के डीजी दलजीत चौधरी (यूपी 1990) को बीएसएफ डीजी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। एनएसजी के पास भी नियमित डीजी नहीं है। सीआरपीएफ डीजी अनीश दयाल सिंह (मणिपुर 1988) को एनएसजी महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसी तरह सीआईएसएफ में भी स्थायी डीजी का पद रिक्त है। सीआरपीएफ के डीजी अनीश दयाल सिंह को ही सीआईएसएफ के महानिदेशक पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इस बल को स्थायी डीजी का इंतजार है।


चार साल में NSG को मिले चार डीजी

एनएसजी को इस साल चार डीजी कमांड कर चुके हैं। बल के नियमित डीजी एम ए गणपति (यूके 86) 29 फरवरी को रिटायर हुए थे। उनके बाद एक मार्च को दलजीत चौधरी की एनएसजी की कमांड सौंपी गई। उन्होंने 22 अप्रैल तक इस पद पर काम किया। उसके बाद नलिन प्रभात (एपी 92) ने एनएसजी डीजी का कार्यभार संभाला। वे 22 अप्रैल से 15 अगस्त तक इस पद पर रहे थे। उन्हें जम्मू कश्मीर का डीजी लगा दिया गया। दोबारा से एनएसजी के डीजी का पद खाली हो गया। इनके बाद सीआरपीएफ डीजी ने बल के अतिरिक्त महानिदेशक का कार्यभार संभाला। 


फेरबदल की लॉबिंग में जुटे आईपीएस

सूत्रों का कहना है कि सीआईएसएफ, बीएसएफ और एनएसजी को तो नए स्थायी डीजी मिलेंगे ही, इनके अलावा सीआरपीएफ, एनटीआरओ, एसएसबी व दिल्ली पुलिस आयुक्त को लेकर भी बदलाव हो सकता है। कई आईपीएस अधिकारी, इन पदों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। सीआरपीएफ डीजी अनीश दयाल को केंद्र में कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वे इस साल के अंत में रिटायर होंगे। एनटीआरओ चीफ के लिए उनका नाम आगे बताया जा रहा है। सीआरपीएफ, जो देश का सबसे बड़ा केंद्रीय अर्धसैनिक बल है, का डीजी बनने के लिए कई आईपीएस प्रयासरत हैं। मौजूदा समय में एक दूसरे केंद्रीय बल के महानिदेशक, सीआरपीएफ की कमान संभालने के इच्छुक हैं। उन्हें अभी एक अन्य फोर्स के डीजी का कार्यभार मिला है। 


इन अधिकारियों की बदल सकती है भूमिका

उनके अलावा सीआरपीएफ में स्पेशल डीजी के पद पर कार्यरत एक आईपीएस भी इस पद पर तैनात होने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। वे कई वर्ष से सीआरपीएफ में ही तैनात हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्हें सीधे बल की कमान देने से पहले किसी दूसरी फोर्स में प्रमुख बनाकर भेजा जा सकता है। एक अन्य बल के डीजी भी सीआरपीएफ में आने के लिए बेताब हैं। असम के डीजीपी जीपी सिंह के केंद्र में आने की बात चल रही है। वे भी सीआरपीएफ में आने के इच्छुक बताए जाते हैं। बिहार के डीजीपी आरएस भट्टी को भी केंद्र में जिम्मेदारी मिल सकती है। दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा, जो तमिलनाडु कैडर के हैं, उनकी भूमिका बदल सकती है। संभव है कि उन्हें केंद्रीय बल या किसी दूसरे अहम संगठन में शीर्ष पद पर बैठाया जा सकता है।


विज्ञापन
विज्ञापन
Next