पिछले खेल आयोजनों की तरह इस बार ओलंपिक में खेल संघों के पदाधिकारी सैर-सपाटे पर नहीं जा पाएंगे। आयोजन समिति की गुजारिश के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने खेल संघों के पदाधिकारियों के टोक्यो में प्रवेश को सीमित कर दिया है।
आईओए ने साफ कर दिया है कि इस बार कोरोना के चलते पनपी विशेष परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए सिर्फ एक प्रतिनिधि को ही जाने की इजाजत होगी। लंदन व रियो ओलंपिक और जकार्ता एशियाई खेलों की तरह इस बार खेल संघों, आईओए और खेल मंत्रालय के पदाधिकारियों और अधिकारियों की भीड़ टोक्यो में नहीं दिखाई देगी।
आयोजन समिति ने आईओए को साफ किया है कि ओलंपिक के दौरान जरूरी और संचालन करने वाले स्टाफ को प्रवेश की अनुमति होगी। जो भी व्यक्ति टोक्यो जाएगा उसे चार सप्ताह पहले अपनी गतिविधियों की जानकारी देनी होगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग की भी अनुमति नहीं होगी। शॉपिंग पर पाबंदी और रेस्टोरेंट में प्रवेश निषेध होगा। कोरोना संक्रमित पाए जाने की स्थिति में अपने खर्च पर 14 दिन के एकांतवास में रहना होगा।
साथ ही आयोजकों की ओर से तय होटल में रहने की अनुमति होगी। अब तक 12 खेल संघों के खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग और जूडो के अलावा कुछ अन्य खेलों के खिलाड़ियों के क्वालिफिकेशन की घोषणा होनी बाकी है।
खेल मंत्रालय का दल भी होगा छोटा
ओलंपिक में खेल मंत्रालय का दल भी काफी छोटा होगा। अब तक खेल मंत्री किरेन रिजिजू के जाने की योजना है। वैसे खेलों में खेल मंत्री अपनी पत्नी को भी ले जाते हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि खेल मंत्री टोक्यो अकेले जा रहे हैं। अब तक खेल सचिव के जाने का भी कोई कार्यक्रम नहीं है।