ईडी का कहना है कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटरों को अपने बेटे के व्यापार में मदद करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने अदालत में दाखिल आरोप पत्र में कहा है कि चिदंबरम का यह निर्देश मनी लॉन्ड्रिंग की योजना का अहम मोड़ था।
जांच एजेंसी ने आरोप पत्र में विस्तार से दिया है मदद का ब्योरा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि 75 वर्षीय कांग्रेसी नेता की अपने बेटे और मौजूदा सांसद कार्ति चिदंबरम के साथ मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका थी। वह उन कंपनियों के कामकाज में भी दखल रखते थे, जिनके मुनाफे में पहले कार्ति की हिस्सेदारी थी।
इनमें से कुछ को इस मामले में आरोपी भी बनाया गया है। एक विशेष अदालत में बुधवार को दाखिल आरोप पत्र में ईडी ने दावा किया है कि जब्त डिजिटल उपकरणों से रिकवर ईमेल से खुलासा हुआ कि कार्ति अपने पिता के साथ एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़े मामलों में राय लेता था।
इस कंपनी के मुनाफे में कार्ति पूर्व में हिस्सेदार रह चुका है। विशेष अदालत ने ईडी के आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए बुधवार को पी. चिदंबर, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम समेत 10 आरोपियों को 7 अप्रैल को पेश होने के लिए समन जारी किया था।