कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें राहत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की है कि वह कार्ति चिदंबरम के मामले में एक उपयुक्त बेंच बनाए और उसकी सुनवाई कल या परसो करें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्ति चिदंबरम दिल्ली हाई कोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके ऊपर की जा रही कार्यवाही से अंतरिम राहत पाने के लिए पहुंच गए हैं।
बुधवार को कोर्ट ने अदालत में कार्ति के नार्को टेस्ट करवाने की अर्जी दाखिल की थी। एजेंसी ने कार्ति के सीए एस. भास्कर रमण और इंद्राणी मुखर्जी की पेशी के लिये भी अर्जी दायर की हुई है। अदालत इन अर्जियों पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी। पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज सुनील राणा के समक्ष कार्ति चिदंबरम के नार्को टेस्ट के लिये अर्जी दायर की थी। अदालत ने सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई के बाद मंगलवार को कार्ति की पुलिस रिमांड नौ मार्च तक बढ़ा दी थी।
बता दें की मामला मीडिया समूह में विदेशी निवेश की अनुमति दिलाने के लिये घूस लेने से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि कार्ति ने मीडिया हाउस में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने के लिये दस लाख डॉलर की घूस मांगी थी। सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को 28 फरवरी को लंदन से लौटने के बाद चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया था। कार्ति के सीए भास्कर रमण व इंद्राणी मुखर्जी न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में मीडिया समूह की पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी व कार्ति के सीए एस. भास्कर रमण से पूछताछ हो चुकी है। मामला 2007 में एक मीडिया समूह में विदेशी निवेश के लिये विदेश निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने में अनियमितता से जुड़ा है।