आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने कोर्ट में अलग-अलग कैविएट दाखिल की है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम की सड़क, वायु और समुद्र मार्ग से आवाजाही रोकने के लिए उनके खिलाफ नया लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है।
बुधवार को चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग करते हुए उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की थी। स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एनवी रामाना ने पी चिदंबरम की याचिका को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया है।
मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई इस पर सुनवाई कब करेंगे यह निश्चित नहीं है क्योंकि उनकी अध्यक्षता में पांच जजो की संवैधानिक पीठ रोजाना राम मंदिर मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं चिदंबरम के वकील ने इस मामले को चीफ जस्टिस के सामने तुरंत सुनवाई के लिए पहले से सूचीबद्ध नहीं किया था।
बुधवार सुबह फिर सीबीआई की टीम पी चिदंबरम के घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले। इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री की कानूनी टीम ने सीबीआई को पत्र लिख उच्चतम न्यायालय में बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवाई से पहले उनके खिलाफ किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई ना करने की अपील की।
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