एजेंसी का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया समूह में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने के लिए चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया था और अपने बेटे कार्ति के जरिये 300 करोड़ से ज्यादा की घूस ली थी।
पूछताछ में इंद्राणी बता चुकी है कि वह एफआईपीबी की मंजूरी के सिलसिले में कार्ति चिदंबरम से मिली थी। गौरतलब है कि पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित है, जबकि कार्ति जमानत पर बाहर हैं।