अगर भारत अगले 15 साल में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना चाहता है तो उसे शिक्षा और मानव कौशल में निवेश करना चाहिए। एक अग्रणी बिजनेस स्कूल के थिंकटैंक ने एक श्वेत पत्र के माध्यम से यह बात कही।
एक थिंकटैंक और देश के अग्रणी बिजनेस स्कूल के नेटवर्क एमबीएयूनिवर्स डॉट कॉम ने कहा कि इस दौरान भारत को अपना जीडीपी दोगुना करना होगा, जैसा वर्ष 2000 और 2006 के बीच हुआ था। उस अवधि में देश का जीडीपी दोगुना होकर 476 अरब डॉलर से 949 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। साथ ही प्रबंधन और इंजीनियरिंग शिक्षा में खासा इजाफा हुआ था।
रिपोर्ट के मुताबिक, कौशल और रोजगार पर केंद्रित उच्च शिक्षा से भारत को सेवा क्षेत्र पर आधारित अर्थव्यवस्था बनने में खासी मदद मिली। इसमें कहा गया कि भारत के लिए 2025 तक 35 प्रतिशत और 2035 तक 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) का लक्ष्य हासिल करना जरूरी है, जिसके बाद ही भारत, चीन की बराबरी कर पाएगा।