केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के अमरावती के दवा कारोबारी उमेश कोल्हे की मौत के मामले की एनआईए से जांच के आदेश दिए। कहा जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल साहू के पहले कोल्हे की हत्या भी उसी तर्ज पर की गई थी।
अमरावती के कारोबारी उमेश कोल्हे की हत्या 21 जून को हुई थी। कोल्हे ने निलंबित भाजपा नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी थी। इसके बाद उनकी हत्या का अंजाम दिया गया। अमरावती पुलिस ने हत्या के मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय कोर्ट ने आरोपियों की पुलिस हिरासत 5 जुलाई तक बढ़ा दी है।
कोल्हे की हत्या की जांच एनआईए को सौंपने की सूचना गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर दी। एनआईए को हत्या में लिप्त संगठन व उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन व अन्य पहलुओं की गहन जांच का आदेश दिया गया है।
अमरावती के डीसीपी विक्रम सैली ने बताया कि कोल्हे की हत्या के मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनके खिलाफ भादंवि की धारा 302 यानी हत्या, आपराधिक साजिश के लिए धारा 120 बी. और धारा 34 लगाई गई है। सैली ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या लगता है कि यह हत्या भी नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर की गई है। उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल साहू की हत्या भी नुपुर के समर्थन में पोस्ट लिखने के चलते की गई थी।
अमरावती पुलिस का मानना है कि 54 साल के केमिस्ट उमेश प्रह्लादराव कोल्हे की साजिश के तहत जो हत्या हुई, वह पैगंबर पर नुपुर शर्मा के विवादित बयानों के समर्थन की वजह से हुई। उमेश के बेटे संकेत कोल्हे की तरफ से दर्ज शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच के आधार पर मामले में दो लोगों- मुदस्सिर अहमद (22) और शाहरुख पठान (25) को 23 जून को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के बाद सामने आया कि उमेश की हत्या में चार और लोग शामिल थे। इनमें अब्दुल तौफिक (24), शोएब खान (22), आतिब रशीद (22) और शमीम फिरोज अहमद शामिल रहे। शमीम को छोड़कर बाकी सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।