संयुक्त राष्ट्र में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी में तैनात भारतीय मूल के नागरिक के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच पूरी हो गयी है और ‘उचित कार्रवाई’ शुरू करने के लिए कदम उठाए गये हैं।
हालांकि यूएनडीपी के ऑफिस ऑफ ऑडिट एंड इन्वेस्टिगेशन ने भारतीय नागरिक की पहचान का खुलासा नहीं किया है लेकिन रवि करकरा के खिलाफ पिछले महीने यौन कदाचार के आरोप लगाए गए थे। संयुक्त राष्ट्र वुमेन में वरिष्ठ अधिकारी रहे करकरा के खिलाफ पिछले महीने आरोप लगाए गये थे।
24 अगस्त को एक बयान में यूएन वुमेन ने कहा कि इसके कार्यकारी निदेशक फुमजाइल मलाम्बो-एनजीक्यूका ने उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। बयान में कहा गया था, ‘‘वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि संयुक्त राष्ट्र वुमेन जितनी जल्दी हो सके इस मामले को निपटाते हुए, पीड़ितों पर केन्द्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।’’
इसमें बताया गया कि इस साल की शुरूआत में यौन उत्पीड़न के मामले में कार्यकारी निदेशक पूर्ण सेन को पीड़िताओं के साथ समन्वयक नियुक्त किया गया ताकि वे कई दृष्टिकोणों के बारे में जान सकें।
यूएन वुमेन ने बयान में कहा कि जवाबदेही अनिवार्य है और संयुक्त राष्ट्र वुमेन परामर्श, मनोवैज्ञानिक समर्थन और कानूनी सहायता के माध्यम से पीड़ितों को सहयोग देने के लिए तैयार है।
सेन ने पूर्व में ‘पीटीआई’ से यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा ताकि जिन लोगों ने दुर्व्यवहार के खिलाफ बोलने का साहस दिखाया है उन्हें ऐसा नहीं