पुलिस जांच में अब यह स्पष्ट हो गया है कि एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या दिल्ली में करोड़ों की प्रॉपर्टी और निजी दुश्मनी के कारण हुई है। इस मामले में किसी भी स्तर पर जांच में आतंकियों के हाथ होने की पुष्टि नहीं हुई है। सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर टॉप शूटर मुनीर अहमद ने अपने दोस्तों के साथ घटना को अंजाम दिया। हत्या की मुख्य वजह दिल्ली की विवादित प्रॉपर्टी में मुनीर की हिस्सेदारी रही है। पुलिस ने तंजील मर्डर में शामिल मुनीर के दो दोस्तों को दबोचकर उनसे पूछताछ में सारा राज उगलवा लिया है। हत्या में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई है।
एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद का शनिवार की रात स्योहारा में भांजी की शादी से अपनी वैगनआर से घर सहसपुर लौट रहे थे। इसी वक्त रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने तंजील अहमद पर पिस्टल और रिवाल्वर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। गोली लगने से तंजील की पत्नी फरजाना भी घायल हो गई थीं। उनका नोएडा के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। तंजील की हत्या में पहले आतंकियों का हाथ माना जा रहा था। एनआईए की टीम तंजील अहमद के मर्डर में आतंकियों का हाथ होने और पुलिस किसी लोकल गैंग को शक के दायरे में लेते हुए जांच में जुटी थी। पुलिस को तंजील की हत्या के खुलासे में बड़ी सफलता मिल गई है।
पुलिस ने तंजील अहमद के मर्डर में शामिल सहसपुर निवासी मिस्त्री शहादत के पुत्र रैय्यान व खुर्शीद अनवर के पुत्र जैनी को दबोच लिया है। दोनों ने तंजील अहमद मर्डर की सारी कहानी उगल दी है। रैय्यान तंजील के बहनोई जकावत के भाई शहादत का बेटा है। जकावत दिल्ली में कपड़ों की दुकान करता है। रैय्यान और जैनी ने पुलिस को बताया कि दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के पास एक व्यक्ति की कई करोड़ की जमीन पर तंजील अहमद ने कब्जा कर लिया था। उस व्यक्ति का नाम उसे नहीं मालूम है। सहसपुर का शूटर मुनीर अहमद भी दिल्ली में जामिया मिलिया के पास रह रहा था। विवादित प्रॉपर्टी के मामले में उस व्यक्ति की मुनीर से मुलाकात हो गई। मुनीर ने तंजील अहमद को प्रॉपर्टी से हटाने के लिए उनका खात्मा करने के ठान ली। उस व्यक्ति ने विवादित जमीन में मुनीर अहमद की हिस्सेदारी कर ली।
मुनीर ने तंजील के मर्डर का ताना-बाना बुनना शुरू कर दी। गांव के ही अपने दोस्त रैय्यान से बात की।
मुनीर को मालूम थी ये बात
मुनीर को मालूम था कि तंजील अहमद अपनी भांजी की शादी में स्योहारा जरूर जाएंगे। शादी में ही तंजील अहमद का मर्डर करने साजिश रच गई। शनिवार की रात करीब आठ-नौ बजे मुनीर अहमद सहसपुर आया। सड़क पर एक स्थान पर उसे रैय्यान मिला। मुनीर ने अपनी बाइक दूसरे दोस्त जैनी के पास खड़ी कर दी। अपना बैग भी जैनी को दे दिया। बैग से पिस्टल व रिवाल्वर निकाल लिया। रैय्यान की बाइक से दोनों स्योहारा में जिस बैंक्वट हाल में तंजील की भांजी की शादी थी, उसके सामने एक दुकान पर आकर खड़े हो गए।
दुकान से बैंक्वटहाल के अंदर तक का सब नजर आ रहा था। रात करीब एक बजे तंजील अहमद और उनका भाई रागिब दोनों अपनी कार से बैंक्वटहाल से निकले, तो मुनीर व रैय्यान ने अपनी बाइक रागिब की कार के पीछे लगा दी। दोनों भाइयों की कार में फासला बढ़ता गया। तंजील अहमद अपनी कार तेज चला रहे थे। यह देख रैय्यान ने बाइक रागिब की कार से आगे निकालकर तंजील की कार के पीछे लगा दी। पुलिया के पास तंजील अहमद की कार की गति धीमी होने पर रैय्यान ने बाइक उनकी कार से आगे निकाल कर कार की ड्राइविंग सीट की साइड ले गया। मुनीर ने कार ड्राइव कर रहे तंजील अहमद पर पिस्टल से गोलियां बरसा दी। पिस्टल से गोलियां दागने के बाद रैय्यान से रिवाल्वर लिया और फिर गोलियां बरसा दी। रागिब की पीछे से कार आती देख दोनों सहसपुर की ओर फरार हो गए।
रैय्यान ने पुलिस को बताया कि जैनी से मुनीर ने अपनी बाइक , बैग लिया और रात में ही अकेला भाग निकला। वह दोनों अपने-अपने घर चले गए। रैय्यान ने पुलिस को बताया कि तंजील ने एक बार उसकी फूफी से बदसलूकी की थी और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कराई थी। रैय्यान ने पुलिस को यह भी बताया कि सहसपुर के उसके एक दोस्त की चार बीघा जमीन के मामले में तंजील अहमद ने उसके दोस्त के विरोधियों का साथ देकर जमीन पर कब्जा कराया था। इन बातों से रैय्यान भी तंजील अहमद से नाराज चला रहा था। वह अपमान का बदला लेना चाहता था।
पुलिस के मुताबिक रैय्यान नशेड़ी है। सुल्फा और अन्य नशे करने का आदी है। मुनीर, रैय्यान , जैनी व जिस दोस्त की जमीन का विवाद था, ये सब आपस में गहरे दोस्त हैं। मुनीर शातिर शूटर है। वह 2014 में अलीगढ़ के एक छात्र व 2015 में एक व्यापारी का मर्डर कर चुका है। उसने 9 एमएम के पिस्टल का इस्तेमाल किया था। दोनों मर्डर में मुनीर जेल नहीं गया और वांटेंड चल रहा था। पुलिस के आला अफसर मर्डर का खुलासा होने की पुष्टि तो कर रहे हैं, पर अपनी जुबान नहीं खोल रहे। अफसरों को मुनीर के पकड़े जाने का इंतजार है।
यूपी पुलिस की थ्यौरी को तवज्जो नहीं दे रहा एनआईए
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
वहीं नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अपने डीएसपी तंजील अहमद की निर्मम हत्या की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस की आपसी रंजिश की थ्योरी को फिलहाल तवज्जो नहीं दे रही है। एनआईए के मुताबिक जबतक यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) अपनी थ्यौरी को पुष्ट करने के लिए ठोस साक्ष्य नहीं ढूंढ पाती इस हत्या केसभी संभावनाओं पर उनकी जांच चलती रहेगी। आतंकवाद उनमें से एक है।
हालांकि यूपी पुलिस की ओर से अबतक इस बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों केमुताबिक तंजील अहमद की हत्या पोपर्टी और उससे संबंधित आपसी रंजिश का है। सूत्रों ने बताया कि हिरासत में रेहान नाम के जिस शख्स से पूछताछ चल रही है वह तंजील अहमद का दूर का रिश्तेदार है।
मुनीर नाम के जिस शख्स ने तंजील पर गोली चलाई थी वह फरार है। मुनीर हिस्ट्रीशीटर है। यूपी पुलिस का दावा है कि वह इस हत्याकांड को जल्द ही सुलझा लेगी। सूत्रों केमुताबिक यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पूरा मामला सिर्फ प्रोपर्टी से संबंधित है या रंजिश की कोई और भी वजह है। क्योंकि तंजील अहमद को जितनी गोली जिस तरह से मारी गई है वैसा आमतौर पर नहीं होता।