केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बीएसपी अध्यक्ष मायावती पर करारा हमला बोला है। उनका कहना है कि बीएसपी ने उत्तर प्रदेश में दलितों के हित का कोई काम नहीं किया है। अठावले इस बात को भी दोहराना नहीं भूलते कि उन्होंने आंदोलन चलाकर महाराष्ट्र के कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश शुरू कराया है और अब उनके निशाने पर उत्तर प्रदेश का दलित वोट बैंक है। अठावले का सीधा आरोप है कि तमाम दलित आईएएस अफसरों का रिकॉर्ड सिर्फ इसलिए खराब कर दिया जाता है ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं में उच्चतम पदों पर न पहुंच सकें।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब सारे राजनीतिक पंडितों का ध्यान बीजेपी बनाम बीएसपी या बीजेपी बनाम एसपी-कांग्रेस की लड़ाई पर है, केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल महाराष्ट्र के दलित नेता राम दास अठावले प्रदेश के दलित वोट बैंक पर डोरे डालने में जुटे हैं। उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले ने प्रदेश की करीब 40 सुरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं और अठावले इस बात को स्वीकारने में तनिक भी नहीं झिझकते कि ऐसा उन्होंने बीएसपी के वोट काटने और बीजेपी को जिताने के लिए किया है।
अठावले कहते हैं कि उनकी पार्टी यूपी के चुनाव मैदान में है लेकिन उनकी लड़ाई बीजेपी से कतई नहीं है। वह कहते हैं कि हाथी चुनाव चिन्ह आरपीआई का पुराना चुनाव चिन्ह रहा है और इस निशान पर आरपीआई के कई बड़े नेता चुनाव भी जीते लेकिन दलितों की इस जमीन पर धीरे धीरे मायावती ने कब्जा कर लिया।