लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन देने के लिए भाजपा ने रविवार को बॉलीवुड कलाकारों के लिए एक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। इसी कार्यक्रम में शिरकत करने आए बॉलीवुड के प्रसिद्ध ऐड गुरु प्रह्लाद कक्कड़ ने बॉलीवुड के राजनीतिकरण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। पेश है वार्ता के प्रमुख अंश-
प्रश्न : बॉलीवुड अभी तक किसी भी दल के लिए खुलकर सामने नहीं आता था। पहली बार प्रो-मोदी और अगेंस्ट-मोदी जैसा दो खेमा बनता दिख रहा है। आपकी क्या राय है?
प्रह्लाद : आप सही कह रहे हैं। बॉलीवुड कभी खेमेबाजी में नहीं बंटा। यहां एक-एक फिल्म पर सैकड़ों करोड़ रुपये दांव पर लगे होते हैं। ऐसे में कोई कलाकार-फिल्मकार किसी राजनीतिक बहस में पड़कर अपना नुकसान क्यों कराएगा? बिजनेसमैन सभी राजनीतिक पार्टियों को पैसा देते हैं। किसी से परेशानी मोल नहीं लेना चाहते। लेकिन जब कुछ लोग बिना वजह खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में उतर आए, तो ऐसे में कुछ लोगों को मोदी के समर्थन में भी आना ही था। यही वजह रही कि पहली बार बॉलीवुड दो खेमे में बंट गया।
प्रश्न : जब तक आप किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं जुड़े थे, लोग आपको निष्पक्ष मानकर सुनते थे। अब क्या जनता की नजर में आपकी बात में वही वजन बरकरार रहेगा?
प्रह्लाद : देखिए, हम उन लोगों में से तो हैं नहीं जो राजनीति में कुछ लेने आए हैं। न हमें चुनाव लड़ने के लिए टिकट चाहिए, न ही पैसा। भगवान ने हमें पैसा, शोहरत सब कुछ खूब दिया है। इसकी हमें कोई जरूरत नहीं। दूसरी बात, देश की जनता के सामने हमारा चालीस साल से काम करने का रिकॉर्ड है। हमने बिना डरे हमेशा अपनी बात रखी है। इसलिए आज जब हम कोई बात रखेंगे तो जनता समझेगी कि यह बिना किसी लालच या भय के अपनी बात कह रहा है। वह जरूर सुनेगी। दूसरी बात, आप ध्यान रखना, मेरा सपोर्ट अच्छे काम के लिए है। कल को अगर कोई गलत काम करने लगेगा तो प्रह्लाद कक्कड़ वह पहला आदमी होगा जो सरकार का विरोध करेगा।
प्रश्न : आप नरेंद्र मोदी के ही समर्थन में क्यों आए? आप किस तरह से बीजेपी की मदद करेंगे?
प्रह्लाद : आपको अगर मालूम हो, मैंने अपने आपको कभी पॉलिटिकली बैलेंस करने की कोशिश नहीं किया। मुझे जो अच्छा लगता है तो लगता है, जो अच्छा नहीं लगता, उसके बारे में कभी छिपाया नहीं। मैंने खुलकर अपनी बात हमेशा रखी है। वही आज भी कर रहा हूं। बता दूं कि मैं कोई प्रचार नहीं करूंगा। मेरा सिर्फ वैचारिक समर्थन है। हां, अपनी बात रखते हुए मैं नरेंद्र मोदी को समर्थन देता रहूंगा। मोदी को ही समर्थन क्यों किया, इसके पीछे वजह है कि मुझे महसूस होता है कि इस व्यक्ति ने हिंदुस्तान का नाम पूरी दुनिया में ऊंचा किया है। राजनीतिक विरोध करने वाले कुछ भी कहें, लेकिन पिछले पांच सालों में हमने एक नए भारत का उदय होते देखा है। इसलिए हम नरेंद्र मोदी को समर्थन दे रहे हैं।
प्रश्न : नरेंद्र मोदी की कौन सी बात आपको सबसे अच्छी लगी?
प्रह्लाद : आप हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया की राजनीति देख लीजिये। कोई नेता कभी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता। कभी कुछ गलत हो भी जाता है तो लोग एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी थोपने लगते हैं। निचले स्तर के लोगों पर जिम्मेदारी डालकर उनकी बलि ले ली जाती है, जबकि ऊपर वाले बच जाते हैं। सच सामने ही नहीं आता। जबकि मोदी जिम्मेदारी लेता है। नोटबंदी मैंने की, जीएसटी हमने लागू किया, एयर स्ट्राइक हमने किया, आप इस बंदे से सहमत हों या न हों, यह आगे बढ़कर बताता है कि ये काम हमने किया है। कोई शिकायत हो तो हमें बताइये। बाकी लोग गलत होने पर छिपने लगते हैं। इनकी यही बात मुझे बहुत पसंद है।
प्रश्न : आपके मुताबिक नरेंद्रम मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने का मौका क्यों मिलना चाहिए?
प्रह्लाद : मैंने आपसे यही तो कहा। मोदी ने अभी तो सिर्फ नींव रखी है। नींव दिखती कहां है? वह तो जमीन के नीचे होती है। अगले पांच साल में इस मजबूत नींव पर राष्ट्र खड़ा होगा, आगे बढ़ेगा। इसलिए मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए नरेंद्र मोदी को एक और मौका मिलना चाहिए।
प्रश्न : कुछ नेता अभी से इस तरह की बात करने लगे हैं कि इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा। शायद एक मिली जुली सरकार बनने की संभावना बने। ऐसे में आप किसे पीएम के रूप में देखना चाहेंगे?
प्रह्लाद : देखिए, प्रधानमंत्री राहुल गांधी बनें या ममता बनर्जी या कोई और बने, देश तो चलेगा, लेकिन विकास रुक जाएगा। खिचड़ी सरकार बनती है तो देश की घड़ी रुक जाएगी, देश ठहर जाएगा। फिर अगले चुनाव तक इंतजार कीजिए कोई मजबूत आदमी आएगा और देश को आगे बढ़ाएगा। लेकिन मुझे लगता है कि देश को कोई गलती नहीं करनी चाहिए, एक मजबूत सरकार बनानी चाहिए।
प्रश्न : लेकिन विपक्ष चौकीदार चोर है कह रहा है। आपको लगता है कि राफेल के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार ने कुछ गलत किया है?
प्रह्लाद : विपक्ष का काम है राजनीति करना। एक झूठ सौ बार बोलो दस-पांच लोग तो यकीन करेंगे। इस मामले में यही हो रहा है। क्या ये सुप्रीम कोर्ट और सीएजी से ऊपर हो गए हैं जिसने पूरी फाइलों को देखा है और इसके बाद अपनी राय दी है? मुझे नहीं लगता कि कोई भ्रष्टाचार हुआ है। यह सब सिर्फ राजनीति है।
प्रश्न : विपक्ष की राजनीति पर क्या कहेंगे?
प्रह्लाद : माफ कीजिएगा, मैं शर्मिंदा हूं। मैंने अपनी इतनी बड़ी जिंदगी में ऐसा घटिया प्रचार कैंपेन कभी नहीं देखा है। बात गाली-गलौज तक जा पहुंची है। किसी भी सभ्य नागरिक के लिए यह बेहद तकलीफदेह है।