नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बृहस्पतिवार को बताया कि वैश्विक पुलिस निकाय इंटरपोल ने दुबई में रह रहे भारतीय ड्रग तस्कर पवन ठाकुर के खिलाफ पहला 'सिल्वर नोटिस' जारी किया है। ठाकुर एनसीबी के उस मामले में वांछित है, जिसमें नवंबर 2024 में दिल्ली से 82 किलोग्राम कोकीन बरामद हुई थी।
एजेंसी ने बयान में कहा, 'एनसीबी ने इंटरपोल के साथ मिलकर पवन ठाकुर नाम के एक आरोपी के खिलाफ पहला सिल्वर नोटिस सफलतापूर्वक जारी किया है।' एनसीबी ने कहा कि ठाकुर एक भगोड़ा है। वह पिछले नवंबर में दिल्ली में जब्त कोकीन के आयात, निर्यात और तस्करी का 'मास्टरमाइंड' है। एनसीबी ने बताया कि पवन ने भारत के एक बंदरगाह से यह खेप मंगवाई और फिर सड़क के रास्ते दिल्ली पहुंचाने का इंतजाम किया।
ये भी पढ़ें: GST: 'जीएसटी दरों में कटौती से राज्यों को नुकसान'; ओवैसी बोले- उन्हें मुआवजा दें या उपकर के दायरे में लाएं
दुबई और दिल्ली से हवाला नेटवर्क चलाता है ठाकुर
एनसीबी ने बताया कि पवन ठाकुर के सहयोगी दिल्ली में प्रतिबंधित माल के भंडारण और रख-रखाव का प्रबंधन करते थे। पवन खुद बीच-बीच में लोगों के बीच तालमेल बैठाकर सप्लाई सुनिश्चित करता था। एनसीबी ने आरोप लगाया कि ठाकुर दुबई और दिल्ली से हवाला नेटवर्क चलाता है। वह नशे के धंधे से कमाए गए पैसे को अपने सहयोगियों के जरिये वैध वित्तीय व्यवस्था में खपा देता है।
साल 2019 से दुबई में रह रहा पवन
एनसीबी ने बताया कि फिलहाल ठाकुर दुबई में रह रहा है और वहीं से ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का अपना नेटवर्क चला रहा है। एनसीबी ने दिल्ली की एक अदालत में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, वह साल 2019 से दुबई में रह रहा है।
ये भी पढ़ें: Politics: 'केंद्र कभी US तो कभी चीन के सामने गिड़गिड़ा रहा', ममता ने विदेशी अधिनियम को बताया चुनावी हथकंडा
क्या है सिल्वर नोटिस
इंटरपोल ने जनवरी 2024 से 'सिल्वर नोटिस' की शुरुआत की है। यह इंटरपोल के आठ रंगीन नोटिसों में से एक है। इसका मकसद भगोड़ों की संपत्तियों और अपराध से कमाई गई संपत्ति को पहचानना, ढूंढना और ट्रैक करना है। वैश्विक पुलिस निकाय इंटरपोल इस नोटिस को अभी 52 देशों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चला रहा है, जिसमें भारत भी शामिल है। यह अभ्यास नवंबर 2024 तक जारी रहेगा।