विवादास्पद कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक के खिलाफ भारत को बड़ा झटका लगा है। इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों की तरफ नाईक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के आग्रह को खारिज कर दिया है।
इस संबंध में इंटरपोल की तरफ से जाकिर के वकील को 11 दिसंबर 2107 को एक पत्र भेजा गया। इसमें बताया गया है कि भारतीय एजेंसियों की तरफ से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के आग्रहों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया गया है। इस निर्णय के बारे में इंटरपोल जनरल सेकेट्रिएट भेज दिया गया। जहां से नवंबर 2017 में इंटरपोल की फाइलों से नाईक से जुड़ी जानकारी को हटा दिया गया।
इससे पहले भारतीय एजेंसियों ने डॉ. जाकिर नाईक को भारत प्रत्यर्पित कराने के प्रयास में रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का आग्रह किया था। एजेंसियां उसे भारत वापस लाकर मुकदमा चलाना चाहती थीं। मालूम हो कि एनआईए ने जाकिर के खिलाफ आतंक के मामलों में आरोपपत्र दायर किया हुआ है। एनआईए ने जाकिर पर देश में धार्मिक सौहार्द बिगाडऩे का आरोप लगाया था।
मलयेशिया में है नाईक
खबरों के अनुसार जाकिर अभी मलयेशिया में है। यहां उसे राजनीतिक शरण मिली हुई है। बांग्लादेश में आतंकी द्वारा जाकिर से प्रभावित होने की स्वीकारोक्ति के बाद जाकिर 1 जुलाई 2016 को भारत से भाग गया था। नवंबर 2016 में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2016 में उसके मुंबई के उसके एनजीओ आईआरएफ पर प्रतिबंध लगा दिया था। जाकिर नाईक का पीस टीवी यूके, कनाडा समेत दुनियाभर के कई देशों में प्रतिबंधित हो चुका है। भारत जल्द ही उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करेगा।