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International Yoga Day: सिर्फ दो यौगिक क्रियाओं से एक माह में सामान्य हो जाएगा ब्लड प्रेशर, शोध में हुआ खुलासा

सार

International Yoga Day: योगिक क्रियाओं के माध्यम से बीमारियों को दूर करने के वैज्ञानिक प्रमाण सामने आ रहे हैं। दुनिया के अलग-अलग चिकित्सा संस्थान शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि कई योग और प्राणायाम गंभीर बीमारियों को दूर करते हैं। इस कड़ी में एम्स ऋषिकेश और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के वैज्ञानिकों ने बताया कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए दो प्रमुख प्राणायाम पर्याप्त हैं...
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International Yoga Day - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
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विस्तार
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अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है और आप लगातार दवाएं ले रहे हैं, बावजूद इसके आपका भी बीपी नॉर्मल नहीं हो रहा है, तो आपके लिए सिर्फ दो योगिक क्रियाएं ही पर्याप्त हैं। जिसे करने के बाद ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। इन दोनों यौगिक क्रियाओं को एक महीने लगातार कुछ मिनट करके अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल के जाने के वैज्ञानिक प्रमाण भी सामने आए हैं। कई महीनों तक चली ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, ऋषिकेश समेत दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद और अमेरिका के बोस्टन स्थित जनरल हॉस्पिटल के मेडिकल एंड सर्जिकल सेंटर के शोध में इस बात पुष्टि हुई है। देश और दुनिया के अलग-अलग मेडिकल इंस्टिट्यूट की ओर से इन योगिक क्रियाओं पर किए गए शोध को मल्टीडिसीप्लिनरी जर्नल फ्रंटियर्स इन मेडिसिन में प्रकाशित भी किया जा चुका है।

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अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम से दूर हो रहा बीपी

योगिक क्रियाओं के माध्यम से बीमारियों को दूर करने के वैज्ञानिक प्रमाण सामने आ रहे हैं। दुनिया के अलग-अलग चिकित्सा संस्थान शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि कई योग और प्राणायाम गंभीर बीमारियों को दूर करते हैं। इस कड़ी में देश के ग्यारह प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और यूएसए के तीन प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर शोध किया। शोध करने वाले एम्स ऋषिकेश और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के वैज्ञानिकों ने बताया कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए दो प्रमुख प्राणायाम पर्याप्त हैं।

पहला है अनुलोम विलोम और दूसरा है भ्रामरी प्राणायाम। शोध करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक अनुलोम विलोम नाक के माध्यम से सांसो को नियंत्रित करने की एक क्रिया है। जबकि भ्रामरी प्राणायाम में होठों को बंद करके दिमाग और शरीर की नसों के साथ बहते हुए रक्त में कंपन करने की प्रक्रिया है। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि तीन महीने तक देश और दुनिया के अलग-अलग सेंटरों में किए गए इन दो योगिक क्रियाओं के माध्यम से पाया गया कि मरीजों में ब्लड प्रेशर न सिर्फ कंट्रोल हुआ बल्कि कई मरीजों में दवाओं के भी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।

इस तरीके का हुआ बदलाव

इस शोध में शामिल डॉक्टर दीपाली कहती हैं कि देश और दुनिया के अलग-अलग सेंटर में मरीजों को इस शोध के लिए रजिस्टर किया गया। सभी मरीजों में ब्लड ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर की मात्रा को लगातार देखा गया और उनकी दिन में पांच बार रीडिंग ली गई। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि 10 दिनों में लगातार मरीजों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत योग कराया गया। जबकि ब्लड प्रेशर को दूर करने के लिए इन दोनों की क्रियाओं पर ज्यादा फोकस किया गया। लगातार देश और दुनिया के अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में मरीजों पर किए गए शोध के बाद एक साथ आए परिणाम चौंकाने वाले थे। वैज्ञानिकों का कहना है जिन मरीजों का ब्लड प्रेशर का स्तर दवा लेने के बाद भी 145/95 रहता था। उनके ब्लड प्रेशर का स्तर भी 125/85 और इससे भी कम स्तर पर आ गया। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर बढ़े होने के कई कारकों में भी काफी परिवर्तन देखा गया। लिपिड प्रोफाइल और खास तौर से ट्राइग्लिसराइड की मात्रा योगा करने से पहले की तुलना में सामान्य स्थिति में आ गई।

इस तरह काम करती हैं बीपी को कंट्रोल करने की यौगिक क्रियाएं

शोध करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया कि भ्रामरी प्राणायाम के दौरान हमारे शरीर में एक तरह का कंपन होता है। कंपन के माध्यम से ही हमारे दिमाग की तमाम ग्रंथियों रक्तश्राव का संतुलन बनता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक हमारे शरीर में रक्त प्रवाह के लिए ऐसी कई ग्रंथियां मस्तिष्क में मौजूद होती हैं, जिनकी निष्क्रियता के चलते रक्त प्रवाह असंतुलित हो जाता है। भ्रामरी प्राणायाम करते समय हमारे शरीर के भीतर होने वाले कंपन से उन सभी ग्रंथियों की निष्क्रियता सक्रियता में बदलने लगती है। नतीजतन उसके चलते हमारे शरीर के भीतर होने वाले रक्त प्रवाह का संतुलन बनता है और ब्लड प्रेशर की अनियमितता में सुधार होता है। इसी तरह अनुलोम विलोम के दौरान हमारी सांसों की क्रियाओं से शरीर के उन सभी अंगों और रक्त की धमनियों में ब्लड सरकुलेशन बेहतर तरीके से प्रवाहित होता है, जो बीपी की बीमारी को जन्म देता है।

इस तरह करें तो दूर होगा आपका भी बीपी

इन दोनों यौगिक क्रियाओं से ब्लड प्रेशर को दूर करने के सफल शोध से सभी लोग लाभान्वित हो सकते हैं। अखिल भारतीय योग शिक्षक संघ के प्रमुख मंगेश त्रिवेदी कहते हैं कि ब्लड प्रेशर का कोई भी रोगी इन दो योगिक क्रियाओं को नियमित करके इस रोग से छुटकारा पा सकता है। वह कहते हैं कि भ्रमरी प्राणायाम को सुबह और शाम दस से पंद्रह मिनट अवश्य किया जाना चाहिए। 10 से 15 मिनट के दौरान तकरीबन 25 बार भ्रामरी प्राणायाम हो सकेगा। जो कि नियमित करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में में फायदेमंद होगा। इसी तरह अनुलोम-विलोम को भी शुरुआती दौर में 5 मिनट से करके 10 से 15 मिनट तक किया जा सकता है। वह कहते हैं कि दोनों योगिक क्रियाएं ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रामबाण की तरह काम करती हैं। उनका कहना है कि ये ऐसी होगी क्रियाएं हैं, जिनको आप अपने घर पर या दफ्तर या सफर के दौरान भी कर सकते हैं।

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