'एनवायरमेंटल प्लेटफॉर्म ऑन बायोडायवर्सिटी इकोसिस्टम' के मुताबिक पूरी दुनिया की तकरीबन 85 फीसदी वेटलैंड सूख चुकी है। पर्यावरणविदों के मुताबिक वेटलैंड में 80 लाख पौधे और पशु पक्षियों की प्रजातियां रहती हैं। हैरानी की बात यह है कि सूख चुके वेटलैंड में इस वक्त दस लाख से ज्यादा प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है जबकि न जाने कितने तरह की प्रजातियां अब तक पूरी तरीके से विलुप्त हो चुकी है।
पर्यावरणविद रमेश कुमार पांडे का कहना है कि ऐसे वेटलैंड में पक्षियों की पूरी जिंदगी गुजर जाती है, लेकिन खत्म हो रही नमी वाली जमीन से इनका जीवन समाप्त हो रहा है और हम लोगों का जीवन खतरे में है।
देश में हैं 41 संरक्षित वेटलैंड
पूरे देश में इस वक्त 41 संरक्षित वेटलैंड हैं। इसमें सबसे ज्यादा वेटलैंड उत्तर प्रदेश में है। देश में सबसे बड़ा वेटलैंड सुंदरवन है। पूरे देश में इस वक्त 10 लाख 81 हजार हेक्टेयर वेटलैंड है। जो हमें पीने का साफ पानी मुहैया कराता है।
पर्यावरण विशेषज्ञ सुपर्णो कहते हैं कि पानी को बचाने के लिए हम लोगों को ही आगे आना होगा। अगर वेटलैंड नहीं बचेंगे तो पीने का पानी मुश्किल हो जाएगा। साथ ही पशु, पक्षी और हमारा पूरा इकोसिस्टम खत्म हो जाएगा। इसलिए सरकारों के साथ साथ लोगों को अपनी भूमिका भी निभानी चाहिए।