बहुपक्षीय मंच में भारत की अध्यक्षता का जश्न मनाने के लिए शनिवार को यहां आयोजित एक मार्च में G20 देशों के विद्यार्थयों समेत बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। राजघाट के पास गांधी दर्शन से लेकर लाल किले के चार्ट लाल गोयल हेरिटेज पार्क तक कई स्कूली छात्रों और शिक्षकों ने तिरंगे और गुब्बारे लिए हुए G-20 'विश्व शांति मार्च' में भाग लिया।
मार्च में लगभग 120 अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों ने भाग लिया। उनका फूलमालाओं और फूलों से स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को रंग-बिरंगे झंडे और तख्तियां लिए विश्व शांति और एकता का संदेश देते देखा गया। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता विजय गोयल ने किया था।
मॉरीशस की रहने वाली और एसएसआर मेडिकल कॉलेज की छात्रा प्रेरणा बहुत खुश थीं। उन्होंने कहा कि इसमें भाग लेना और अद्भुत प्रदर्शन देखना अच्छा रहा। मुझे एसएसआर कॉलेज के माध्यम से आमंत्रण मिला। कई सांस्कृतिक प्रदर्शन भी आयोजित किए गए और छात्रों ने इनमें भाग लिया।
'भारतीय संस्कृति की खोज करने में मजा आया'
रूस की जूलिया ने कहा कि उन्हें पुरानी दिल्ली घूमने और भारतीय संस्कृति की खोज करने में मजा आया। उन्होंने कहा कि यह शानदार है और हमने पुरानी दिल्ली से घूमते हुए इस कार्यक्रम का आनंद लिया। मुझे लगता है कि G20 की मेजबानी करने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है। हमारे भारतीय मित्र और सहकर्मी इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं। हर दिन, वे हमें एक और नए कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। हम अगस्त में सांस्कृतिक मंत्रियों के साथ बैठक और अधिक दिलचस्प द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रमों की उम्मीद करते हैं।
इस कार्यक्रम में माउंट आबू पब्लिक स्कूल के 14 विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। माउंट आबू की शिक्षिका सोनिया ने कहा कि हमें इस कार्यक्रम में भाग लेने पर बहुत गर्व है। मैं चाहती हूं कि G20 सभी के लिए समान शैक्षिक अवसरों की मांग करे।
प्रभावशाली समूह की वार्षिक अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा 200 से अधिक G20 बैठकों की मेजबानी करने की उम्मीद है। ये अगले साल नौ और 10 सितंबर को वार्षिक शिखर सम्मेलन के साथ समाप्त होंगी।
G20 या 20 का समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
बेंगलुरु नौ से 11 फरवरी के दौरान पहली G20 पर्यावरण बैठक की मेजबानी करेगा
भारत की अध्यक्षता में पहली G20 पर्यावरण बैठक बेंगलुरू में नौ फरवरी से 11 फरवरी तक होगी। उसमें अवक्रमित भूमि और पारिस्थितिक तंत्र की बहाली, जैव विविधता में वृद्धि, सर्कुलर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और तटीय स्थिरता के साथ नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शेरपा ट्रैक के माध्यम से, प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और सिफारिशें देने के लिए 13 कार्य समूह और दो पहलों की बैठक होगी। शेरपा ट्रैक के तहत पर्यावरण, जलवायु और स्थिरता कार्य समूहों में से एक है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह (ईसीएसडब्ल्यूजी) की चार बैठकों की मेजबानी करने वाला है।
एक बयान में कहा गया है कि चर्चा 'तटीय स्थिरता के साथ नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने', 'अवक्रमित भूमि और पारिस्थितिक तंत्र की बहाली', 'जैव विविधता में वृद्धि' और 'चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने' पर केंद्रित होगी।
शनिवार को एक बैठक में पर्यावरण मंत्रालय की सचिव लीना नंदन और कर्नाटक की मुख्य सचिव वंदिता शर्मा ने ब्रांडिंग, सुरक्षा, स्थल प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य रसद व्यवस्था से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की।
जी20 प्रतिनिधियों का बेंगलुरु में कालकेरे आर्बोरेटम और बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान का दौरा करने का कार्यक्रम है। कालकेरे में, प्रतिनिधियों को कर्नाटक के चार प्रमुख वन पारिस्थितिकी प्रणालियों का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
राज्य वन विभाग इन पारिस्थितिक तंत्रों में अपनाए गए वन बहाली मॉडल और इन क्षेत्रों में जीव विविधता के सफल पुनरुद्धार का प्रदर्शन करेगा। बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान अत्याधुनिक तितली पार्क का प्रदर्शन करेगा और प्रतिनिधियों को पशु सफारी की पेशकश करेगा। राज्य का वन विभाग फ्लैगशिप इकोटूरिज्म मॉडल, जंगल लॉज रिजॉर्ट पर भी प्रकाश डालेगा, जो विश्व स्तर पर प्रकृति प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।