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इंटरनेशनल मीडिया ने बनाया स्मृति ईरानी के खिलाफ माहौल?

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उन्हें देश के प्रधानमंत्री अपनी बहन कहते हैं। यही नहीं, उन्हें अपनी बहन बताकर मोदी वोट भी मांग चुके हैं। सत्ता में आए तो महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यभार उन्हें सौंपा। वे मंत्री बनीं और पहले दिन से ही विवादों में रहीं। उनके विवादों में रहने से पार्टी की किरकिरी भी हुई। ये सब देखते हुए भी पीएम मोदी का भारोसा उन पर कायम रहा। 
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लेकिन अब अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनसे बड़ा मंत्रालय छीन लिया? जानकार स्मृति ईरानी के बारे में यही कह रहे हैं कि उनके दो साल के काम-काज से असंतुष्ट मोदी ने उनका मंत्रालय बदला है, उन्हें कपड़ा मंत्री बनाया है। 

सवाल उनके मंत्रालय बदलने या उनके कपड़ा मंत्री बनने का नहीं है, न ही उनके विवादों में रहने का है। सवाल ये है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के स्मृति ईरानी के खिलाफ माहौल बनाने के बाद उनका मंत्रालय बदला गया?
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'मोदी कैबिनेट की सबसे हाई-प्रोफाइल और फजीहत झेलने वाली नेता'

- फोटो : PTI
सवाल इसलिए अहम है, क्योंकि चार दिन पहले ही अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट पर स्मृति ईरानी को लेकर एक बड़ा सा लेख छपा था। इस लेख में स्मृति को मोदी कैबिनेट की सबसे हाई-प्रोफाइल और ने फजीहत झेलने वाली नेता के तौर पर पेश किया गया था। 

अखबार ने लेख में स्मृति ईरानी के साथ हर नकारात्मक पहलू को बढ़-चढ़कर प्रकाशित किया था। अखबार ने स्मृति से इंटरव्यू के लिए समय मांगा था, जिसको लेकर ईरानी ने इनकार कर दिया था और उसके बाद ही अखबार पर लेख छपा। इंटरव्यू का जिक्र खुद अखबार के लेख में ही किया गया था।

वॉशिंगटन पोस्ट के 'शी इज इंडियाज हाईहेस्ट प्रोफाइल कैबिनेट मिनिस्टर एंड इट्स मोस्ट ट्रोल्ड' शीर्षक से छपे लेख को दुनिया भर के मीडिया समूहों ने छापा। लेख में स्मृति की स्पेलिंग मिस्टेक से लेकर डियर कहने पर उनके भड़कने, विश्वविद्यालयों की शिक्षा में मनमर्जी चलाने, शिक्षा का हिंदू भगवाकरण करने और प्रोफेसरों से बुरा बर्ताब करने जैसे मुद्दों पर उन्हें घेरा।
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स्मृति के आठ विवाद बन गए गले की हड्डी!

- फोटो : PTI
अखबार के लेख में स्मृति ईरानी को 'विवादों का रानी' बताया गया। कांग्रेस के हवाले से उन्हें नाचने-गाने वाली से लेकर अनपढ़ तक कहा गया। इस लेख के बाद तकरीबन हर बड़े मीडिया हाउस ने स्मृति पर खबर की। इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने स्मृति के खिलाफ हवा बनाई।

स्मृति ईरानी के विवादों की फेहरिस्त लंबी है, करीब आठ ऐसे मामले आए जब उनकी और उनकी वजह से पार्टी की खूब आलोचना हुई।

डिग्री विवाद, आईआईटी मद्रास विवाद, हैदराबाद यूनिवर्सिटी और दलित छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या, जेएनयू में कन्हैया की गिरफ्तारी, आईआईटी कैंटीन में शाकाहारी खाना, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्टी के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म करने का मांग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति कमेटी के चेयरमैन सुब्रहमण्यम के साथ विवाद और ट्विटर वाला 'डियर' विवाद कुछ ऐसे ही मामले हैं।
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