पेरिस में भारतीय किशोर को हिरासत में लेने के बाद भारत में एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर रैकेट का खुलासा हुआ है। यहां से पंजाब और हरियाणा के 13 और 18 साल की उम्र के 25 लड़कों को रग्बी ट्रेनिंग के बहाने पेरिस ले जाया गया था। जिसके बाद उन्हें वहीं छोड़ दिया गया था। 25 में से केवल 2 लड़के ऐसे थे जोकि वापस आ सके।
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बाकी 22 लड़कों का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। सूत्रों के मुताबिक CBI को इस बात की आशंका है कि कुछ बच्चों के माता-पिता ने उन्हें छुड़ाने के लिए 25 से 30 लाख रुपये का भुगतान किया है। फ्रांस की पुलिस ने सीबीआई को हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में जानकारी दी थी और पूछे गए सवालों के बारे में भी बताया था।
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वहीं सीबीआई ने तस्करी से जुड़े तीन एजेंटों की पहचान की थी। इनके नाम ललित डेविड दीन, संजीव राज और वरुन चौधरी हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच में पता लगा है कि 25 लड़कों को कपूरथला और पंजाब के स्कूल में पढ़ने वाला छात्र दिखलाया गया था, जिसके बाद उन्हें 1 फरवरी 2016 को पेरिस ले जाया गया।