फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवसः आधार बायो मीट्रिक्स से परेशान बुजुर्गों को नहीं मिल रहा राशन

Sun, 30 Sep 2018 08:40 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरी दुनिया सोमवार 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस मनाने जा रही है, लेकिन सिविल सोसाइटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश में 5.8 करोड़ बुजुर्ग ऐसे हैं, जो पेंशन से वंचित हैं। सरकार का कहना है कि 8 करोड़ बुजुर्ग 200 रुपये मासिक पेंशन के लिए अधिकृत हैं। इसके अलावा आधार बायो मीट्रिक्स के चलते देश के कई राज्यों के बुजुर्ग राशन और पेंशन न मिलने से बेहाल हैं।

विज्ञापन


बुजुर्गों के सामने बायोमीट्रिक्स फेल

रविवार को दिल्ली के संसद मार्ग पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित ‘पेंशन परिषद’ और ‘हेल्पेज इंडिया’ की रैली में राजस्थान के उदयपुर की तहसील कोटड़ा से आईं कई बुजुर्ग महिलाओं की शिकायत थी कि उन्हें राशन मिलने में दिक्कत हो रही है। 72 वर्षीय बुजुर्ग दुर्गेश्वरी का कहना है कि उन्हें तीन महीने से राशन नहीं मिला है। राशन डीलर उन्हें बॉयो मीट्रिक्स खराब कह कर बार-बार वापस लौटा देता है।

इससे पहले राजसमंद के राजस्थान जिले में राशन न मिलने से 75 साल की चुन्नी देवी की मौत हो गई थी। पिछले 5 दिनों से उन्होंने खाना नहीं खाया था, क्योंकि दो महीने से न तो पेंशन मिल रही थी और न ही राशन।
विज्ञापन


चार माह से पेंशन नहीं

कमोबेश ऐसी ही शिकायत झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश से रैली में हिस्सा लेने आए कई वरिष्ठ नागरिकों की है। उनका कहना है कि जब भी वे आधार से लिंक बॉयोमेट्रिक्स पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाते हैं, तो मशीन काम नहीं करती और डीलर राशन देने से मना कर देता है। रैली में हरियाणा के तोशाम से आए कई बुजुर्ग नागरिकों की शिकायत थी कि उन्हें लगभग पिछले 4 महीनों से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि बुढ़ापा पेंशन पोस्ट ऑफिस से मिलती है, लेकिन रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं होने की बात कह कर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है।

न्यूनतन मजदूरी का आधा हो पेंशन

वहीं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय का कहना है कि सरकार को शर्म आनी चाहिए कि वह वरिष्ठ नागरिकों को केवल 200 रुपए पेंशन देती है। उन्होंने मांग की कि सरकार न्यूनतम मजदूरी की आधी या तीन हजार रुपए, जो भी ज्यादा हो पेंशन के तौर पर दिया जाए। हम चाहते हैं कि न्यूनतम पारिश्रमिक का 50 प्रतिशत पेंशन राशि के तौर पर दिया जाए, जो करीब 2,500 रुपए प्रति महीने होता है और इसे महंगाई दर से भी जोड़ा जाए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें