अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'नशामुक्त भारत' का संकल्प दोहराया। शाह ने ड्रग तस्करी पर सख्ती और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर जोर दिया।
आज अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस है। इसके अवसर पर उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मुक्त भारत' का संदेश दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, आइए हम 'नशा मुक्त भारत' बनाने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराएं। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार एक सुरक्षित समाज के निर्माण और प्रभावित व्यक्तियों को उचित देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपराष्ट्रपति ने क्या लिखा?
मुख्यमंत्री विजय भी जागरुकता अभियान में शामिल हुए
वहीं,तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को चेन्नई के मरीना बीच पर 'स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स' एंटी-ड्रग अवेयरनेस रन को हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' के मौके पर आयोजित किया गया था और मुख्यमंत्री खुद भी इसमें शामिल हुए। ट्रैकसूट, स्नीकर्स और धूप के चश्मे पहने विजय ने 'स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स' टी-शर्ट पहने प्रतिभागियों के साथ दौड़ते हुए जोरदार तालियां बटोरीं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लोगों से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सभी को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कार विकसित कर नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। वहीं, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी लोगों से नशे के दुष्प्रभावों को रोकने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस?
26 जून को मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र का एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है। इस दिन का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना और मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। यह दिन 1989 से मनाया जा रहा है। 26 जून को लिन जेक्सू (चीनी राजनीतिक दार्शनिक और राजनीतिज्ञ) द्वारा ग्वांगडोंग के हुमेन में अफीम व्यापार के उन्मूलन की स्मृति में चुना गया था, जो 25 जून, 1839 को चीन में प्रथम अफीम युद्ध से ठीक पहले समाप्त हुआ था।