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तबीयत खराब हो तो बिना पेनल्टी यात्रा की तारीख बदलवा सकते हैं यात्री
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विशेष मामलों को छोड़कर, आगमन और प्रस्थान के वक्त ट्रॉली ले जाना हतोत्साहित किया जाएगा।
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एयरपोर्ट पर प्रवेश से पहले सामान को सैनिटाइज करने की व्यवस्था की जाएगी।
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जिन यात्रियों को स्वास्थ्य या उम्र के चलते सफर से रोका गया है, वे बिना किसी पेनल्टी के अपनी यात्रा की तारीख बदलवा सकते हैं।
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भीड़ से बचने के लिए टर्मिनल के सभी प्रवेश द्वार खोले जाएंगे।
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प्रवेश द्वार, स्क्रीनिंग ज़ोन और टर्मिनलों पर कम से कम एक मीटर की दूरी पर सामाजिक दूरी के निशान या स्टिकर दिए जाएंगे।
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जहां भी यात्रियों के साथ बातचीत होती है, वहां कर्मचारियों के लिए फेस शील्ड दिया जाएगा।
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टर्मिनल इमारतों, लाउंज या विमान में यात्रियों को समाचार पत्र या पत्रिकाएं नहीं दी जाएंगी।
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तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई या खांसी वाले कर्मचारियों को एयरपोर्ट पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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उड़ान भरने से पहले यात्रियों को क्रमिक रूप से बैचों में विमान में जाने की अनुमति होगी।
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विदेशों में फंसे 20,000 भारतीयों को वापस लाए
हरदीप पुरी ने बताया कि केंद्र सरकार के वंदे भारत अभियान के तहत अभी तक विदेशों में फंसे 20,000 भारतीयों को वापस लाया गया है। उन्होंने बताया, इस अभियान के दूसरे सप्ताह में हमारी इस संख्या में इजाफा हुआ और हम दोगुने से अधिक पर पहुंच गए। हम लोगों को वापस लाने की संख्या को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
घरेलू उड़ानों के लिए क्वारंटीन से व्यावहारिक तरीके से निपटेंगे
पुरी ने कहा, क्वारंटीन मुद्दे को एक व्यावहारिक तरीके से निपटा जाएगा। उदाहरण के लिए अगर मैं केरल जाता हूं तो मुझे 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। जब मैं वापस आऊंगा, तो क्या मुझे 14 दिनों के लिए फिर से क्वारंटीन में भेजा जाएगा? यह व्यावहारिक नहीं है।