बंबई उच्च न्यायालय ने पुणे पोर्श कार दुर्घटना मामले में शामिल आरोपी आदित्य सूद को उसके पिता की मृत्यु के आधार पर तीन दिन की अस्थायी जमानत दे दी है। आदित्य सूद को किशोर चालक के अल्कोहल परीक्षण को रद्द करने के सिलसिले में गिराफ्तार किया गया था।
पुणे के चर्चित पोर्श कार हादसे में आरोपी आदित्य सूद को बंबई उच्च न्ययालय से तीन दिन की अस्थाई जमानत मिली है। यह जमानत आरोपी के पिता की मृत्यु के आधार पर 2 से 5 अगस्त तक दी गई है।
क्या था मामला?
पिछले साल 19 मई को पुणे के कल्याणीनगर इलाके में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने मोटरसाइकिल सवार दो आईटी पेशवरों पेशेवरों को कुचल दिया था। इस कार को कथित तौर पर नशे में धुत एक नाबालिक चला रहा था।
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आदित्य सूद ने अल्कोहल परीक्षण में धोखा देने की कोशिश की
आदित्य सूद उन 10 लोगों में शामिल थे, जिन्हें किशोर चालक के अल्कोहल परीक्षण को रद्द करने के लिए रक्त के नमूनों की अदला-बदली के सिलसिले में गिराफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, आदित्य सूद के रक्त के नमूने उसके पिता के रक्त के नमूनों से बदल दिए गए थे। इस मामले में पुणे के ससून जनरल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की भी गिरफ्तारी हुई है।। इन्होंने कथित तौर पर रक्त की अदला-बदली की इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मांगी जमानत
आदित्य सूद की ओर से अधिवक्ता आबिद मुलानी ने शुक्रवार को अदालत के सामने एक याचिका दायर कर अपने मुवक्किल के लिए तीन की अंतरिम मांगी। ताकि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। मुलानी ने अदालत को बताया कि सूद के पिता को 27 जुलाई को दिल का दौरा पड़ा था और 1 अगस्त को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई ।
विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिराय ने अदालत को बताया कि अभियोजन पक्ष को जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद अदालत ने 25,000 रुपये के पीआर बॉन्ड पर सूद को अंतरिम जमानत मंजूर की।