भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के क्लीनिकल ट्रायल के प्रथम चरण के परिणाम सामने आ गए हैं। इस परिणाम ने लोगों के साथ-साथ कंपनी को भी राहत दी है। कंपनी की ओर से बुधवार को कहा गया है कि पहले चरण के क्लीनिकल ट्रायल में वैक्सीन ने शरीर में एंटीबॉडी बनाई है और इस दौरान कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला है।
कुल 11 अस्पतालों में अलग-अलग स्थानों, 375 स्वयंसेवियों को परीक्षण में शामिल किया गया था। पोर्टल 'मेडआरएक्सआईवी' पर उपलब्ध कराए गए नतीजों के मुताबिक टीके ने एंटीबॉडी तैयार करने काम किया। गंभीर असर की एक घटना सामने आई, जिसका टीकाकरण से कोई जुड़ाव नहीं पाया गया। इसमें बताया गया है कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान पर रखा गया। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इसी तापमान पर अलग-अलग टीकों को रखा जाता है।