पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद खुफिया एजेंसियों को और कई बड़े अलर्ट मिल रहे हैं। ताजा अलर्ट यह है कि कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के 41 लड़ाके आरडीएक्स की मदद से आईईडी ब्लास्ट करने की तैयारी में हैं। चूंकि आमने सामने की लड़ाई में आतंकियों का मारा जाना तय है, इसलिए अब वे आईईडी ब्लास्ट पर फोकस कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों ने अनंतनाग, अवंतिपुरा, पुलवामा, बांदीपोर, बढ़गाम, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगर में सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया है। इसमें सेना के अलावा अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान शामिल हैं। खुफिया एजेंसी को 16-17 फरवरी के बीच पाकिस्तान के जेईएम नेतृत्व और आतंकवादियों के बीच हुई खुफिया बातचीत मिली है जिससे कि यह खुलासा हुआ है।
खुफिया इंटरसेप्ट के अनुसार जैश के आतंकी भारतीय सुरक्षाबलों पर एक और आत्माघाती हमला करने की फिराक में हैं। बुधवार को एक उच्च खुफिया अधिकारी ने कहा कि उन्हें विभिन्न सैन्यवास (क्वार्टर्स) से मिले इनपुट यह दिखाते हैं कि एक बहुत बड़ा हमला जम्मू-कश्मीर में या उससे बाहर हो सकता है।
इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार जेईएम स्क्वैड के 41 सदस्य, जिसमें तीन आत्मघाती हमलावर भी शामिल हैं वह पिछले साल दिसंबर में घाटी के अंदर घुसपैठ कर चुके हैं। वह तीन धमाके करने के लिए घाटी आए हैं जिसमें दो को घाटी के बाहर अंजाम दिया जाना है। एजेंसी को मिले इंटरसेप्ट्स के अनुसार जेईएम पुलवामा आत्मघाती हमले की तैयारियों का एक वीडियो रिलीज करने वाला है।
इंटेलिजेंस विश्लेषक का कहना है कि वीडियो को रिलीज करने का मकसद 20 साल के आदिल अहमद डार का महिमामंडन करना है। डार ने ही 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले को अंजाम दिया था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। एक अन्य जानाकार ने बताया कि जैश इस वीडियो को जारी करके और अधिक भर्ती कर सकता है और कश्मीरी युवाओं को आत्मघाती अभियानों के लिए बरगला सकता है।
जेईएम ने यह भी दावा किया है कि उसका पूर्व ऑपरेशनल कमांडर मोहम्मद वकास डार ने पिछले हफ्ते नौशेरा में आईईडी बम लगाया था जिसमें भारतीय सेना के मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैश के आतंकियों के बीच हुई सारी बातें मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन है जिसका मकसद भारत में आतंकवाद फैलाना है।
बता दें कि पुलवामा हमले के बाद से खुफ़िया एजेंसियां लगातार आतंकियों की गतिविधियों को लेकर कोई न कोई अलर्ट भेज रही हैं। इससे सुरक्षा बल पूरी तरह सर्तक हो गए हैं। ताजा अलर्ट में बताया गया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लड़ाके कश्मीर घाटी में मौजूद हैं। वे सुरक्षा बलों के ठिकानों पर बड़ा हमला कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह बात साफतौर पर बता दी गई है कि आतंकियों के पास आरडीएक्स मौजूद है। उनकी रणनीति सुरक्षा बलों को आईईडी ब्लास्ट से नुकसाने पहुंचाने की है।
पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा बलों ने करीब डेढ़ दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। उसमें भी कुछ ऐसी ही जानकारी निकल कर सामने आई है। सेना ने दक्षिण कश्मीर के आठ जिलों में गहन सर्च ऑपरेशन शुरु किया है। इस बार के सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के साथ विस्फोटक सामग्री विशेषज्ञों को भी साथ लिया गया है। जहां भी उन्हें कुछ संदिग्ध सामग्री दिखती है, वे उसकी जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को यह सूचना दे दी गई है कि आतंकियों के पास जो आरडीएक्स है, वह अपने मूल रुप में यानी नमक जैसे रंग में नहीं मिलेगा, बल्कि उसे कार्बन या बारीक कोयले के बीच छिपाकर रखा गया है। यही वजह है कि सुरक्षा बलों को जहां भी कोयले या काले रंग का कोई बारीक पदार्थ मिलता है तो उसकी गहनता से जांच की जाती है।