पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद खुफ़िया एजेंसियों को और कई बड़े अलर्ट मिल रहे हैं। ताजा अलर्ट यह है कि कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के 41 लड़ाके आरडीएक्स की मदद से आईईडी ब्लास्ट करने की तैयारी में हैं। चूंकि आमने-सामने की लड़ाई में आतंकियों का मारा जाना तय है, इसलिए अब वे आईईडी ब्लास्ट पर फोकस कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने अनंतनाग, अवतिंपुरा, पुलवामा, बांदीपोर, बढ़गाम, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
इसमें सेना के अलावा अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान शामिल हैं। बता दें कि पुलवामा हमले के बाद से खुफिया एजेंसियां लगातार आतंकियों की गतिविधियों को लेकर कोई न कोई अलर्ट भेज रही हैं। इससे सुरक्षा बल पूरी तरह सर्तक हो गए हैं। ताजा अलर्ट में बताया गया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लड़ाके कश्मीर घाटी में मौजूद हैं। वे सुरक्षा बलों के ठिकानों पर बड़ा हमला कर सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को यह बात साफतौर पर बता दी गई है कि आतंकियों के पास आरडीएक्स मौजूद है। उनकी रणनीति सुरक्षा बलों को आईईडी ब्लास्ट से नुकसाने पहुंचाने की है। पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा बलों ने करीब डेढ़ दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। उसमें भी कुछ ऐसी ही जानकारी निकल कर सामने आई है। सेना ने दक्षिण कश्मीर के आठ जिलों में गहन सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस बार के सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के साथ विस्फोटक सामग्री विशेषज्ञों को भी साथ लिया गया है।
जहां भी उन्हें कुछ संदिग्ध सामग्री दिखती है, वे उसकी जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह सूचना दे दी गई है कि आतंकियों के पास जो आरडीएक्स है, वह अपने मूल रूप में यानी नमक जैसे रंग में नहीं मिलेगा, बल्कि उसे कार्बन या बारीक कोयले के बीच छिपाकर रखा गया है। यही वजह है कि सुरक्षा बलों को जहां भी कोयले या काले रंग का कोई बारीक पदार्थ मिलता है तो उसकी गहनता से जांच की जाती है।