इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मेडिकल की डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर
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कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी जंग में सेना के अलावा सशस्त्र बलों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। भारतीय सेनाओं की ओर से लगातार कोविड मरीजों की मदद पहुंचाई जा रही है। साथ ही मेडिकल उपकरणों का परिवहन किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पीएम मोदी लगातार सेनाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक कर जानकारी ले रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मेडिकल की डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर ने कहा कि कोरोना के खिलाफ युद्ध में सशस्त्र बलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल टीकाकरण अभियान को तेज करने और विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए तैयार है।
पीएम मोदी की सीडीएस बिपिन रावत, आर्मी चीफ मनोज नरवणे के साथ हुई बैठकों के बाद इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (मेडिकल) की डिप्टी चीफ माधुरी कानिटकर ने कहा कि हम सभी मिलकर कोरोना युद्ध को हराएंगे। उन्होंने कहा कि 'को-जेईटी' के जरिए कोविड पर जीत सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल उपकरणों को लाने जाने के लिए सेना ने 14 रेलवे कोच दिए हैं।
कोरोना के खिलाफ जारी है युद्ध
सभी सशस्त्र बल एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर ने कहा कि इस जंग में जवानों के अलावा डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ भी अपनी सेवा दे रहे हैं। करीब 200 ट्रक ड्राइवरों की मदद की जा रही है। जो ऑक्सीजन टैकरों को एक जगह से दूसरी जगहों पर ले जा रहे हैं। इसके अलावा दो पोत विदेश के लिए रवाना हो चुके हैं। एक पोत बहरीन में मनामा बंदरगाह से 40 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर मुंबई आएंगे। एक अन्य पोत बैंकाक के लिए रवाना हो गया । वहीं आइएनएस ऐरावत सिंगापुर जा रहा है।भारतीय वायुसेना अमेरिका, रूस, सिंगापुर, दुबई समेत अन्य देशों से ऑक्सीजन कंटेनर लाने में सहयोग दे रहे हैं। बता दें कि देश में कोरोना के मामले 4 लाख के पार पहुंच गए हैं।