महाराष्ट्र के पुणे में बने एक अस्थायी आईसोलेशन केंद्र में सुविधाओं के नाम पर अव्यवस्थाओं की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे जान कर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां आइसोलेट किए जाने वाले लोगों को मिलने वाले भोजन में कीड़े और अन्य वस्तुएं मिलने के बाद पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) सवालों के घेरे में आ गई है। लेकिन, इसके बाद भी पीएमसी अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
दरअसल, पुणे महानगर पालिका ने वड़ागांव बदरुक परिसर में सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट के गर्ल्स हॉस्टल को अस्थायी तौर पर आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया है। यहां कोविड-19 के एसिम्टोमैटिक मरीजों को रखा जा रहा है। जानकारी के अुसार यहां शहर के विभिन्न हिस्सों के 600 लोग मौजूद हैं। इनमें से एक ने दावा किया है कि उसे नाश्ते में नाखून मिला तो दूसरे ने उसी रात के खाने में कीड़े मिलने की बात कही।
हद तो तब हो गई जब पीएमसी के अधिकारियों तक यह मामला पहुंचा। उन्होंने इसकी जांच या कार्रवाई करने के स्थान पर सेंटर में रखे गए लोगों से कहा कि अगर वह जीना चाहते हैं तो उन्हें वही भोजन खाना पड़ेगा। सेंटर में रखे गए एक व्यक्ति ने बताया, पिछले आठ दिन से हमें भोजन में कॉकरोच, कीड़े, बालों में लगाने वाली पिन आदि वस्तुएं मिल रही हैं। शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
व्यक्ति ने कहा, बुधवार को पीएमसी से एक जूनियर इंजीनियर केंद्र पर आए थे। उन्होंने कहा कि अगर हम जीना चाहते हैं तो हमें बिना कोई शिकायत किए यही भोजन खाना पड़ेगा। वहीं, इन सबके बाद यहां रहने वाले लोगों को पेट दर्द और सिर में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां रह रहे एक अन्य व्यक्ति ने कहा, अधिराकी कहते हैं कि हमें दवा के लिए चार से पांच घंटे पहले सूचित करना होगा। यह कैसे संभव है?
वहीं पीएमसी के सहायक वार्ड आयुक्त संतोष टंडले ने कहा है कि केंद्र की रसोई में कैमरे लगा दिए गए हैं ताकि व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि सप्लायक से सफाई आदि को भी बेहतर करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर आगे भी ऐसी शिकायतें आती हैं, तो हम सीसीटीवी से उसकी जांच कर सकेंगे।