धरती का बढ़ता तापमान अब सिर्फ मौसम का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि खेती और खाने की थाली तक सीधा खतरा बनता जा रहा है। जलवायु संकट के साथ खेतों में कीटों और घुन का हमला तेजी से बढ़ा है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगर तापमान यूं ही बढ़ता रहा, तो गेहूं, धान, मक्का और सब्जियों की पैदावार पर भारी असर पड़ेगा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
कौन-कौन से कीट तेजी से फैल रहे हैं?
वैज्ञानिक साक्ष्यों की समीक्षा में सामने आया है कि कई खतरनाक कीट तेजी से फैल रहे हैं। माहू यानी एफिड्स, प्लांटहॉपर्स, तना भेदक, इल्ली और टिड्डियां भी इन्हीं कीटों में शामिल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई कीट अब कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोध भी विकसित कर चुके हैं, जिससे इन्हें नियंत्रित करना और मुश्किल हो गया है।
कृषि और खाद्य सुरक्षा पर आगे क्या असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर काफी बुरा पड़ेगा। इससे किसानों की आय, खाद्य कीमतों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर भी असर पड़ेगा। कीट प्रबंधन की नई रणनीतियां जरूरी होंगी। जलवायु के अनुरूप खेती पर जोर देना होगा। वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास तेज करने होंगे।