आईएनएस विक्रांत के लोकार्पण को लेकर कांग्रेस ने पिछले 22 सालों की हासिल बड़ी उपलब्धि करार देने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस महासचिव व मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री शासन की निरंतरता में यकीन नहीं करते। आज आईएनएस विक्रांत का लोकार्पण बड़ी कामयाबी है, लेकिन इसके निर्माण की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। पहले वाजपेयी सरकार, फिर मनमोहन सरकार और फिर मोदी सरकार। यह शासन की निरंतरता है।'
कांग्रेस नेता ने कहा कि हम भारतीय नौसेना, इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि यह 2014 के बाद की उपलब्धि है। इसके निर्माण में 22 साल लगे और इसका श्रेय सभी सरकारों को जाता है।
जयराम रमेश ने तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी का एक वीडियो भी साझा किया है। इसके आधार पर उन्होंने कहा कि विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत को 12 अगस्त 2013 को लांच किया था। पीएम मोदी ने आज इसे देश को समर्पित किया है। यानी 2014 के पहले भी आत्मनिर्भर भारत था। पीएम मोदी को छोड़ अन्य सभी प्रधानमंत्रियों ने शासन की निरंतरता को स्वीकार किया था।
बता दें, पीएम मोदी ने आज कोच्चि में देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) को देश को समर्पित किया। कोचीन शिपयार्ड पर तैयार किए गए इस विमान वाहक पोत के निर्माण में 20,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पोत के आधिकारिक तौर पर शामिल होने से नौसेना की ताकत दोगुनी हो जाएगी।
इस मौके पर पीएम ने कहा कि पिछले समय में भारत-प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को लंबे समय तक नजरंदाज किया जाता रहा। लेकिन, आज ये क्षेत्र हमारे लिए देश की बड़ी रक्षा प्राथमिकता है। इसलिए हम नौसेना के लिए बजट बढ़ाने से लेकर उसकी क्षमता बढ़ाने तक, हर दिशा में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, बूंद-बूंद जल से जैसे विराट समंदर बन जाता है। वैसे ही भारत का एक-एक नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीना प्रारंभ कर देगा, तो देश को आत्मनिर्भर बनने में अधिक समय नहीं लगेगा।