भारतीय नौसेना ने अपने स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ से सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल (एमआरएसएएम) का सफल परीक्षण किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने अपने नवीनतम स्वदेशी विध्वंसक युद्धपोत मोरमुगाओ से मंगलवार को सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल (एमआपएसएएम) का सफल परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सी-स्किमिंग तकनीक के जरिये समुद्र में सुपरसोनिक लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा।
उन्होंने बताया कि सी स्कीमिंग के नाम से जानी जाने वाली एडवांस मिसाइल की टेस्टिंग के दौरान मिसाइल ने समुद्र में तैरते हुए टारगेट को नीचे से हिट किया। भारतीय नौसेना ने भी परीक्षण के बाद बताया कि टेस्टिंग के दौरान मिसाइल का निशान बिल्कुल सटीक था और वह अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रही। गौरतलब है कि सी स्किमिंग एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग कई एंटी-शिप मिसाइल और कुछ फाइटर या स्ट्राइक एयरक्राफ्ट रडार या इन्फ्रारेड डिटेक्शन से बचने के लिए करते हैं।
परीक्षण के बाद नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आईएनएस मोरमुगाओ द्वारा पहली सफल एमआरएसएएम फायरिंग भारतीय नौसेना के लिए मील का पत्थर है। यह भारतीय नौसेना की भविष्य में मुकाबला तत्परता और आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
ब्रह्मोस और बराक-8 से लैस है मोरमुगाओ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल दिसंबर में ही मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत 'मोरमुगाओ' को भारतीय नौसेना को समर्पित किया था। आईएनएस मोरमुगाओ का नाम पश्चिमी तट पर गोवा के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मोरमुगाओ सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों जैसे अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस है। इसमें एक आधुनिक निगरानी रडार भी लगा है जो जहाज की तोपखाना हथियार प्रणालियों को लक्षित आंकड़े प्रदान करता है। स्वदेश विकसित रॉकेट लांचर, तारपीटो लांचर और एएसडब्ल्यू हेलिकॉप्टर जहाज को पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता प्रदान करते हैं। यह परमाणु, जैविक और रासायनिक (एनबीसी) युद्ध स्थितियों में लड़ने के लिए सुसज्जित है।
भारतीय नौसेना ने एक बयान जारी कर कहा कि इस जहाज की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 7,400 टन के विस्थापन के साथ 17 मीटर है। इसे भारत में निर्मित सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक माना जा सकता है। युद्धपोत को चार शक्तिशाली गैस टर्बाइनों से चलाया जाता है और यह 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है।
INSV तारिणी का ध्वजारोहण समारोह
वहीं, गोवा के INS मंडोवी में INSV तारिणी का ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। INSV तारिणी सात महीने में 17,000 समुद्री मील की यात्रा पूरी करके लौटा है। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ सावंत और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार उपस्थित रहे।