भारतीय नौसेना के पहले मोर्चे के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत 'आईएनएस मोरमुगाओ' से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे समुद्र में भारतीय नौसेना की मारक क्षमता का पता चलता है।
नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, 'नवीनतम गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ ने अपनी पहली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के परीक्षण के दौरान सफलतापूर्वक 'बुल्स आई' को निशाना बनाया।' अधिकारी ने कहा, जहाज और उसके शक्तिशाली हथियार दोनों स्वदेशी हैं, जो 'आत्म-निर्भरता' और समुद्र में भारतीय नौसेना की मारक क्षमता के प्रतीक हैं।
भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन करता है, जिन्हें पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या भूमि प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक या ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना अधिक गति से उड़ती है। भारत ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्यात भी कर रहा है। पिछले साल जनवरी में भारत ने मिसाइल की तीन बैटरियों की आपूर्ति के लिए फिलीपीन के साथ 375 करोड़ डॉलर का सौदा किया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल दिसंबर में ही मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत 'मोरमुगाओ' को भारतीय नौसेना को समर्पित किया था। भारत में निर्मित शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक 7,400 टन वजन वाले आईएनएस मोरमुगाओ की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर है।
यह ब्रह्मोस और बराक-8 जैसी मिसाइलों से लैस है। इसमें इस्राइल का रडार एमएफ-स्टार लगा है, जो हवा में लंबी दूरी के लक्ष्य का पता लगा सकता है।127 मिलीमीटर गन से लैस आईएनएस मोरमुगाओ 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। आईएनएस मोरमुगाओ का नाम पश्चिमी तट पर गोवा के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया है।